स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)
Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 1)
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 1 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished79 पृष्ठ
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हाथ नहीं काटता, मैल अच्छी तरह हटाता है और कपड़े में कलफ का काम भी करता है।
अनुभव से यह भी पाया गया है कि ताजा बना हुआ साबुन मैल तो काटता है पर झाग कम देता है। दही साबुन 5-10 दिन के बाद मैल काटने के साथ-साथ झाग भी अच्छा देता है।
(5) कपड़े धोने का साबुन (गर्म विधि)
सामग्री -
| 1. | सोयाबीन तेल | - | 500 ग्राम |
|---|---|---|---|
| 2. | खोपरे का तेल | - | 50 ग्राम |
| 3. | सिलीकेट | - | 500 ग्राम |
| 4. | कास्टिक सोडा | - | 100 ग्राम |
विधि -
- 1. सर्वप्रथम दोनों तेल एक जगह मिलाकर गुनगुना करें।
- 2. इसके बाद एक लीटर पानी में कास्टिक सोडा मिलाकर इसे तेल में मिलाते हुए घोटते जाएं।
- 3. एकरस होने के बाद यदि पानी ज्यादा हो तो नमक का छिड़काव करें, इससे पानी अलग हो जाएगा।
- 4. अब साबुन अलग कड़ाही में निकालकर, इसमें सिलीकेट मिलाकर खूब घोंटे।
- 5. इसे प्लास्टिक डिब्बे में जमा दे तथा तीन दिन बाद कटिंग करिए व मनचाहा आकार दे दीजिए।
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