भारतकोश
विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)

विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)

Vijnana Bhairava Tantra with Hindi Commentary

भगवान भैरव / प्रो. ब्रजवल्लभ द्विवेदी द्वारा

स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished256 पृष्ठ

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१९६ : विज्ञानभैरव वैश्वानर ९६ शाम्भवसिद्ध ८७, ८९ वैसर्गिकधाम ६८ शाम्भवी मुद्रा १२९, १५१ व्यापिका ३६ शाम्भवोपाय ३, २३, २७, ६६, १३५ व्यापिनी १२, ३४-३७, ४८-४९, ९७ शिखा ४८ व्याप्यव्यापकभाव ५९-६० शिखान्त ४१ व्योमवामेश्वरी १३ शिव ४, ३९, ११५ व्योमाकार ४८, १०३ शिव (प्रमाता) २८, ३९, ६२-६३ व्योमेशी ८७-८८ शिवतत्त्व ४४ व्रत १३२ शिवबिन्दु १०२ शक्ति (प्रणवकला) १२, ३४-३७, ४८-४९, ८७ शिष्यदीक्षा ५९ शक्ति ४, ९, १६, १९-२५, २७, ३९, शीतलपट्ट ९२ ५८, ६१, ६३, ११८ शुद्धपरामर्श ५० शक्तित्रय ९-११, १६ शुद्धप्रमाता ४४, ५४ शक्तिपात २, १२९ शुद्धविकल्प २३, २७ शक्तिमान् १९-२०, ६१ शुद्धविद्या २८, ४३, १७४ शक्तिविकास ३० शुद्धसृष्टि २८ शक्तिसंकोच ३० शुद्धाध्व २६ शक्तिसंगम ७७ शुद्धि १३१-१३४ शक्त्यावेश ७७ शून्य २३ ३५-३६, ४०, ४३, ४५-४६, शबल १७१ ४८-५३, ६०, ६३, ११४, १३७-१३९, शब्द ४, ५९ १४५-१४६ शब्दब्रह्म ४, १०, ४२-४३, ४७, ५९, १०१ शून्यकल्प ७० शब्दराशि ९, १६ शून्यता ५२, ६५, १३०, १३७-१३८ शब्दानुरणनन्याय ४७ शून्यपंचक ३५-३६ शम्भुदर्शन १३१-१३४ शून्यभूमि १७२ शाक्तक्षोभ ५६, ७७-७९ शून्यषट्क ३६ शाक्तबल २१, २७ शून्यस्वभाव ६८ शाक्तवीर्य ८१ शून्या ४९ शाक्तसमावेश २७, ३६ शून्यातिशून्य २४, ४३, ४५-४६, ५१, ५५, शाक्तसिद्ध ८७, ८९ ६४, १६३ शाक्तोपाय ३, २३, २७, ७८, ८७, १३५ शून्यावस्था ४८, ९८ शाङ्करी शक्ति १२९ शैवी २०-२१ शान्त ३२ शोष ५६-५७ शाम्भवसमावेश २७, ३६ श्याव १७१ Courtesy: Shri Tarun Dwivedi, Surviving Son of Late Vraj Vallabh Dwivediji (15 Jul 1926 - 17 Feb 2012)