भारतकोश
१०८ उपनिषद् (ब्रह्मविद्या खण्ड - भाग १)

१०८ उपनिषद् (ब्रह्मविद्या खण्ड - भाग १)

108 Upanishads Part 1 - Brahmavidya Khand

पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा

स्रोत: संस्कृति संस्थान बरेली · संस्कृति संस्थान बरेली (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished414 पृष्ठ

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संकेत विवरण

अथर्व० - अथर्ववेदनि०- निरुक्तयो०त०- योगतत्त्वोपनिषद्
अथर्वशिख०- अथर्वशिखोपनिषद्निरा०- निरालम्बोपनिषद्यो०द०-योगदर्शन
अथर्वशिर०- अथर्वशिरउपनिषद्नैषधी०- नैषधीयचरितम्यो०शि०-योग शिखोपनिषद्
अद्वयता०- अद्वयतारकोपनिषद्पं० ब्र०-पंचब्रह्मोपनिषद्यो०सू०- योगसूत्र
अध्यात्मो०- अध्यात्मोपनिषद्पंच०- पंचवार्तिकवज्र०-वज्रसूचिकोपनिषद्
अमृतनादो०- अमृतनादोपनिषद्परब्रह्मो०- परब्रह्मोपनिषद्वटुको०- वटुकोपनिषद्
अवधूतो०- अवधूतोपनिषद्परम्०प०- परमहंस परिव्राजकोपनिषद्वसिष्ठ स्मृ०- वसिष्ठ स्मृति
आत्म०- आत्मपूजोपनिषद्परमहंसो०- परमहंसोपनिषद्वाच० - वाचस्पत्यम्
आत्मबोधो०- आत्मबोधोपनिषद्पा०गृ०सू०- पारस्कर गृह्य सूत्रवात्स्या०-वात्स्यायनभाष्य
आत्मो०- आत्मोपनिषद्पात०यो०प्र०- पातंजल योग प्रदीपवायुपु०-वायु पुराण
आप०श्रौ०सू०- आपस्तम्ब श्रौत सूत्रपात०यो०सू०- पातंजल योग सूत्रविद्वन्मो०- विद्वन्मनोरञ्जनी
आरुणि०- आरुण्युपनिषद्पाशुपत०- पाशुपत ब्रह्मोपनिषद्वि०पु०- विष्णुपुराण
आश्रमो०- आश्रमोपनिषद्पृ०- पृष्ठवि०मार्त०- विवेक मार्तण्ड
उ० - उत्तरपैङ्गलो०- पैङ्गलोपनिषद्वे०वि०- वेदान्त विमर्श
ऋ० - ऋग्वेदप्र०- प्रश्नवे०सा०- वेदान्त सार
एकाक्षरो०- एकाक्षरोपनिषद्प्रश्नो०- प्रश्नोपनिषद्वे०सा०सु०- वेदान्त सार सुबोधिनी
कण्ठरुद्रो०- कण्ठरुद्रोपनिषद्बृह०उ०- बृहदारण्यक उपनिषद्व्या०भा०- व्यास भाष्य
कठो० - कठोपनिषद्बौधा०ध०सू०- बौधायन धर्म सूत्रश०क०- शब्द कल्पद्रुम
कुण्डिको०- कुण्डिकोपनिषद्ब्र०सू०- ब्रह्मसूत्रशत०ब्रा०- शतपथ ब्राह्मण
कर्म०भा०- कर्मकाण्ड भास्करब्रह्मबिन्दु०- ब्रह्मबिन्दूपनिषद्शाट्यायनी०- शाट्यायनीयोपनिषद्
का०श्रौ०सू०- कात्यायन श्रौत सूत्रब्रह्म०भा०- ब्रह्मयोगी भाष्यशाण्डिल्यो०- शाण्डिल्योपनिषद्
कैवल्यो०- कैवल्योपनिषद्ब्रह्मविद्यो०- ब्रह्मविद्योपनिषद्शा० प०- शान्तिपर्व
कौ०ब्रा०उ०-कौषीतकि ब्राह्मणोपनिषद्ब्रह्मवै०पु०- ब्रह्मवैवर्त पुराणशा०भा०- शाङ्कर भाष्य
क्षुरिको०- क्षुरिकोपनिषद्ब्रह्मो०- ब्रह्मोपनिषद्शारीरको०- शारीरकोपनिषद्
खं०- खण्डभर्तृ०- भर्तृहरि शतकश्रौ०प०नि०- श्रौत पदार्थ निर्वचनम्
गी०- गीताभा०- भागवतश्वेता०- श्वेताश्वतरोपनिषद्
गोरक्ष० सं०- गोरक्ष संहिताभिक्षु०- भिक्षुकोपनिषद्संन्यासो०-संन्यासोपनिषद्
घेर० सं०- घेरण्ड संहितामं०ब्रा०उ०- मंडल ब्राह्मण उपनिषद्सं०प्र०- सन्ध्याप्रयोग
छान्दो०- छान्दोग्योपनिषद्मत्स्यपु०- मत्स्यपुराणसं०हि०को०- संस्कृत हिन्दी कोश
जा०दर्शनो०- जाबालदर्शनोपनिषद्मनु०- मनुस्मृतिस०पा०- समाधि पाद
जाबालो०- जाबालोपनिषद्महा०- महाभारतसां०यो०द०- सांग योग दर्शन
जाबाल्यु०- जाबाल्युपनिषद्म०वा०-महावाक्योपनिषद्सा०- सामवेद
तं०सा०सं०- तंत्र सार संग्रहमहो०- महोपनिषद्सा०पा०- साधन पाद
तां०ब्रा०- तांड्य ब्राह्मणमाण्डू०- माण्डूक्योपनिषद्सा०भा०- सायण भाष्य
तुरोया०-तुरीयातीतोपनिषद्मुण्डको०- मुण्डकोपनिषद्सि०कौ०- सिद्धान्त कौमुदी
ते०बि०- तेजबिन्दूपनिषद्मैत्रा०- मैत्रायण्युपनिषद्सुबालो०- सुबालोपनिषद्
तैत्ति०ब्रा०-तैत्तिरीय ब्राह्मणमैत्रे०- मैत्रेय्युपनिषद्स्वसं०-स्वसंवेद्योपनिषद्
दर्शनो०- दर्शनोपनिषद्यजु०- यजुर्वेदहंस०- हंसोपनिषद्
द्वयो०- द्वयोपनिषद्याज्ञ०स्मृ०- याज्ञवल्क्य स्मृतिहठ०प्र०-हठयोग प्रदीपिका
ना०परि०- नारदपरिव्राजकोपनिषद्यो०कु०- योगकुण्डल्युपनिषद्हला०- हलायुध कोश
नादबिन्दु०- नादबिन्दूपनिषद्योगियाज्ञ०- योगियाज्ञवल्क्यहि०वि०को०- हिन्दी विश्व कोश