अभिज्ञानशाकुन्तलम् (सन्दर्भदीपिका टीका व हिन्दी अनुवाद सहित)

अभिज्ञानशाकुन्तलम् (सन्दर्भदीपिका टीका व हिन्दी अनुवाद सहित)
Abhijnanashakuntalam of Kalidasa Hindi
महाकवि कालिदास द्वारा
स्रोत: Abhijnanashakuntalam with Sandarbhadipika Tika & Hindi Translation (उद्गम)
DevanagariHindipublished262 पृष्ठ
पृष्ठ 260, कुल 262 में से
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246 चन्द्रशेखरचक्रवर्तिकृतसन्दर्भदीपिकया समलङ्कृतम्
- प्राकृतसूत्रम्-(1)-2, 15, 20, (3)-19, 37, (4)-13, (6)-2, 32, (7)-20,
- प्राचीनपुस्तकम्-(5)-20,
- प्राज्ञः (महिमभट्टः)-(2)-6,
- भरतः-(1)-1, 4, 5, 16, 21, 23, 24, (2)-1, 3, 13, (3)-1, 2, 10, 11, 14, 19, 20, 35, (4)-5, (5)-1, (6)-2,
- भर्तृहरिमिश्रः-(1)-1,
- मनुः-(1)-14, (3)-28, (5)-14,
- मेदिनी-(1)-10, 12, 16, (2)-11, (3)-25, 30, (6)-29,
- वामदेवमिश्रः-(1)-1,
- विदेशीयपुस्तकम्-(1)-14, 17, (4)-20, (6)-14, 20, (7)-5,
- व्याकरणम्-(5)-14, 30,
- व्याडिः-(1)-1,
- शङ्करः-(1)-1, 3, 4, 5, 9, 9, 10, 14, 15, 15, 16,17, 17, 20, 21, 21, 23, 24, 24, 24, 25, 25, 27, (2)-1, 3, 4, 4, 4, 5, 6, 7, 7, 7, 10, 11, 14, 17,17, (3)-5, 8, 20, 23, 28, 33, 36,37,37,37, 40, (4) 1, 1, 2, 3, 5, 5, 6, 6, 7,14,18,19, (5)-5,5,9,10, 11, 17,18, 20, 23, (6)-1, 2, 2, 6, 11, 15, 27, 34, (7)-6, 8, 11, 13, 14, 15, 20, 20,
- शाश्वतः-(1)-12, 12, 14, 26, (3)-9, 23, (4)-15, 20,
- सामुद्रिकः-(7) -15,
- साहसांकः-(1)-1,
- साहित्यदर्पणः-(2)-4,
- साहित्यरत्नाकरः-(1)-20, 23, (यज्ञनारायण दीक्षितः)
- हारावली-(4)-18, (6) 1.