भारतकोश
अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)

अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)

Adbhut Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि (टीकाकार: पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र) द्वारा

स्रोत: Maharshi Valmiki Krit Srimad Adbhut Ramayanam with Hindi Tika by Pt. Jwala Prasad Mishra (उद्गम)

DevanagariHindipublished173 पृष्ठ

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( ३६ ) अद्भुतरामायण [ षष्ठ-

मुझे तिरस्कार कर तुम्बुरुकी स्थिती की गई है और लक्ष्मीसहित विष्णुने उसका गान श्रवण किया है ॥३९॥ ब्रह्मादि हम सब देवता स्थानसे बाहर किये गये और कौशिकादि बैठे रहे गानयोगसे नारायणके समीप रहे ॥ ४० ॥

समाराध्यैव संप्राप्ता गाणपत्यं यथासुखम् ॥ तेनाहमतिदुःखार्त्तो यत्तप्तं तु मया तपः ॥ ४१ ॥ यद्दत्तं यद्धुतं चैव यच्चापि श्रुतमेव हि ॥ यदधीतं च गानस्य कलां नार्हति षोडशीम् ॥ ४२ ॥

और उनकी आराधनासे उनको गाणपत्य पदकी प्राप्ति हुई है, उससे मैं बडा दुःखी हूं, जो कुछ मैंने तप किया है ॥ ४१ ॥ जो दिया, हवन किया और सुना है, जो पढा है वह गानविद्याकी सोलहवीं कलाभी नहीं है ॥ ४२ ॥

विष्णोर्माहात्म्ययुक्तस्य गानयोगस्य वै ततः ॥ पश्चात्तापं च मे दृष्ट्वा मां च नारायणोऽब्रवीत् ॥ ४३ ॥ उलूकं गच्छ देवर्षे गानबन्धुं मतिर्यदि ॥ गाने च वर्तते ब्रह्मंस्तत्र त्वं गानमाप्स्यसि ॥ ४४ ॥

जिस कारण कि विष्णुके माहात्म्यसे युक्त गानयोगकी अधिकाई देख पश्चात्ताप करते मुझसे नारायण कहने लगे ॥ ४३ ॥ हे देवर्षि ! यदि गानमें आपको इच्छा है तो उलूककेपास जाइये वह गानका आचार्य्य है वहां तू गानकी प्राप्ति करेगा ॥ ४४ ॥

इत्यहंप्रेषितस्तेन त्वत्समीपमिहागतः ॥ किं करिष्यामि शिष्योऽहं तव मां पाल्याव्यय ॥४५॥ नारदं प्राह धर्मात्मा गानबन्धुर्महायशाः ॥ शृणु नारद यद्वृत्तं पुरा मम महामते ॥ ४६ ॥

इस प्रकार मैं उनका भेजा तुम्हारे पास आया हूं हे अविनाशी ! मैं तुम्हारा किंकर हूँ, तुम मेरा पालन करो ॥ ४५ ॥ महायशस्वी गानबन्धु नारदजीसे बोले हे नारद ! जो हमारा पूर्वजन्मका वृत्तांत है वह सुनो ॥ ४६ ॥

अत्याश्चर्य्यसमायुक्तं सर्वपापहरं शुभम् ॥ भुवनेशइति ख्यातो राजाभूद्धार्मिकः पुरा ॥ ४७ ॥ अश्वमेधसहस्रैश्च वाजपेया युतेन च ॥ अन्यैश्च विविधैर्यज्ञैरिष्टवान्भूरिदक्षिणैः ॥ ४८ ॥

जो अति आश्चर्यसंयुक्त और पापका हरनेवाला है पहले एक धर्मात्मा राजा था ॥ ४७ ॥ सहस्त्र अश्वमेध और दशसहस्त्र वाजपेय और भी अनेक बडी बडी दक्षिणवाले यज्ञ ॥ ४८ ॥

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