भारतकोश
अध्यात्म रामायण

अध्यात्म रामायण

Adhyatma Ramayana

महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा

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श्रीराम-जटायु

तच्छ्रुत्वा राघवो दीनं कण्ठप्रागं ददर्श ह ।
हस्ताभ्यां संस्पृशन् रामो दुःखाश्रुवृतलोचनः ॥
(अ० रा० अर० ८ । ३० )

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