ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ४ ) मंत्र-अहीन और एकाहिक। तृतीय सवन। ३६२-३६७ ३रा अध्याय—तीनों सवनों के मंत्र। मध्य सवन के सोम के मंत्र। तृतीय सवन के मंत्र। होता, मैत्रावरुण, होता, ब्राह्मणाच्छंसी, नेष्टा, अच्छावाक् और अग्नीध्र के याज्य मंत्र। ३६८-३७८ ४था अध्याय—संपात सूक्त। कद्वत् मंत्र। अहीन- यज्ञ की युक्ति-विमुक्ति। वालखिल्य। दूरोहण ... ३७९-३९३ ५वाँ अध्याय—शिल्प सूक्त-नाभानेदिष्ट, नाराशंस, वालखिल्य, सुकीर्ति, एवयामरुत्, वृषा- कपि। विश्वजित यज्ञ। ऐतशप्रलाप मंत्र। प्रतिराध। अतिवाद। देवनीथ। दधिक्रावन, पावमान्य ... ३९४-४०८ सप्तम पञ्चिका— १ला अध्याय—पशुओं के अंगों की विभक्ति ... ४११-४१२ २रा अध्याय—अग्निहोत्री के लिए विभिन्न प्रायश्चित्त ४१३-४२७ ३रा अध्याय—पुत्र से लाभ। हरिश्चन्द्र का पुत्र, रोहित। अजीगर्त और शुनः शेप की कथा ... ४२८-४३९ ४था अध्याय—प्रजापति का यज्ञ। ब्रह्म-क्षत्र। राज- सूय यज्ञ के प्रारम्भिक कृत्य ... ४४०-४४६ ५वाँ अध्याय—यज्ञ का अधिकार और श्यापर्णा। राम मार्गवेय और सोमपान का प्रश्न। चातुर्वर्ण्यों का भक्ष्य। उदुम्बर,