ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished592 पृष्ठ
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( ५०१ ) सामिधेनी—वे मंत्र जिनके द्वारा समिधा अग्नि में छोड़ी जाती हैं । ( अग्नि प्रज्वलित करते समय पढ़े जाने वाले मंत्र ) । सिमा—( सीमा से बाहर जो हुएं ) व्युत्पत्ति ( ५।७ ) । सिनीवाली—पूर्णिमा का दूसरा भाग ( उत्तरार्ध ) । स्वरसाम—व्युत्पत्ति ( ४।१६ ) । हविर्धान—गाड़ी जिस पर सोम या अन्य हवि उत्तर वेदी में लायी जाती है । हविषपंचक—यज्ञ में छोड़ी जाने वाली चीज़ें—धान, करंभ, परिवाप, पुरोडाश, पयस्या ( मट्ठा ) आदि । होता—जो देवताओं का आवाहन करे वह होता ( १।२ ) ।