अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)
पारम्परिक लोक संग्रह द्वारा
स्रोत: अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ) · खेमराज श्रीकृष्णदास / नवल किशोर प्रेस · 1935 (उद्गम)
DevanagariHindipublished292 पृष्ठ
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(१०) विषय पृष्ठ संख्या १६२—बेटी दे दो पोती दिलादो ४४२ १६३—दण्ड वा पुरस्कार ” १६४—देने वाले का हाथ नीचा ४४४ १६५—स्वर्ग और नरक ” १६६—बख्तर की परीक्षा ४४५ १६७—सबसे उज्ज्वल क्या ४४७ १६८—प्राकृतिक और कृत्रिम ४४६ १६९—मेरी धरती पर पैर न रखना ४५२ १७०—आकाश के तारों की गणना ४५४ १७१—मूर्खों की फेहरिस्त ४५५ १७२—हथेली पर बाल क्यों नहीं उगता ४५६ १७३—नाव लाने दो ४५७ १७४—सुन्दर बच्चा किसका ४५८ १७५—बिचारे जूतों के मारे खड़े हैं ४६१ १७६—मोम निर्मित शाहजादा ” १७७—गऊ के चमड़े का जूता ४६२ १७८—आधा बाहर आधा भीतर ४६३ १७९—नदी रोती क्यों है ४६४ १८०--जाड़ा कितना ४६६