अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)
पारम्परिक लोक संग्रह द्वारा
स्रोत: अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ) · खेमराज श्रीकृष्णदास / नवल किशोर प्रेस · 1935 (उद्गम)
DevanagariHindipublished292 पृष्ठ
पृष्ठ 16, कुल 292 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 16
( १२ ) पृष्ठ संख्या विषय १९९-- इतने पैर पसारिये जितनी चादर होय ४८३ २००-- पूर्व जन्म का निर्णय ४८५ २०१-- रुई की चोरी ४८६ २०२-- आँखों देखी बात झूठी हो सकती है ४८७ २०३-- चोर पकड़ने की युक्ति ४८६ २०४-- बलात्कार ४९१ २०५-- हमारा पैर अधिक सुन्दर है ४९२