भारतकोश
श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

Srimad Ananda Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि / अज्ञात द्वारा

स्रोत: Srimad Ananda Ramayana Complete 9 Kandas with Hindi Translation (उद्गम)

DevanagariHindipublished811 पृष्ठ

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हनुमान्‌जीके द्वारा सिंहिकावध, समुद्रपार पहुँच-कर रात्रिके समय हनुमान्‌जीका लङ्कामें प्रवेश और लङ्किनीसे साक्षात्कार८०वादिसे मिलना और वहांसे चलकर मधुवन होते हुए रामके पास पहुँचकर उन्हें सीताका हाल सुनाना९८
हनुमान्‌का रावणके भवनमें जाकर उसकी दाढ़ी-मूँछ जलाना, मन्दोदरीको सीताके सदृश सुन्दरी देखकर हनुमान्‌का पछताना, सीता और मन्दोदरीके सादृश्यका कारण८१दशम सर्ग<br>हनुमान्‌का रामको लङ्काका स्वरूप बतलाना९९
हनुमान्‌जीका सीताके समक्ष पहुँचना८३रामका लङ्काको प्रस्थान१००
उसी समय रावणका सीताके पास आकर विविध प्रलोभन देना और सीताका रावणको फटकारना८४उधर लङ्कामें हनुमान्‌का पराक्रम देखकर रावणका घबड़ाना और राजसभामें आकर परामर्श करना, विभीषणका समझाना और रावणसे तिरस्कृत होकर रामकी शरणमें जाना१०१
बातोंसे हारकर रावणका सीताको मारनेके लिए उद्यत होना और मन्दोदरीका रोकना८५राम-विभीषणमें मैत्री, रामका कुपित होकर समुद्रपर आग्नेय बाण चलानेको उद्यत होना और समुद्रका सेतुबन्धके लिए उपाय बताना, रामका समुद्रतटपर शिवलिंग स्थापित करनेका निश्चय करके हनुमान्‌को शिवलिंग लानेके लिए काशी भेजना१०३
बहुतेरी राक्षसियोंको सीताको डराने-धमकानेके लिए नियुक्त करके रावणका अपने घर जाना८५शिवजीका हनुमान्‌को एक प्राचीन इतिहास बताना१०४
त्रिजटाका सीताको आश्वासन, हनुमान् द्वारा रामयश वर्णन और प्रकट होकर राममुद्रिका-प्रदान८६विन्ध्यपर्वतकी वृद्धिसे देवताओं तथा मनुष्योंकी घबड़ाहट और अगस्त्य मुनिका विन्ध्यके क्रोधको शांत करनेके लिए काशीका त्याग१०६
हनुमान्‌का अशोकवाटिका उजाड़ना८७राम द्वारा हनुमान्‌का गर्वहरण१०७
हनुमान्‌का रावणके भेजे हुए बहुतेरे सैनिकोंको मारना८८हनुमान्‌का अपनी लायी मूर्तिको अलग स्थापित करना और रामका वरदान देना१०८
मेघनादके ब्रह्मपाशमें बँधकर हनुमान्‌का रावणके समक्ष जाना८९शिवजीका रामको एक प्राचीन इतिहास बताना और रामके आज्ञानुसार नलका सेतुबन्धन करना१११
हनुमान्‌का रावणको सदुपदेश और रावणका दैत्योंको हनुमान्‌की पूँछ जलानेका आदेश देना९१रावणको शुकका सदुपदेश और उसके द्वारा शुकका तिरस्कृत होना, शुकके पूर्वजन्मकी कथा११२
हनुमान् द्वारा लङ्कादहन९३रामके आदेशसे अङ्गदका लङ्का जाना और लौटते समय रावणका एक महल उठाते लाना११३
लङ्का भस्म कर देनेपर सीताके भी जल मरने-की बात सोचकर हनुमान्‌का दुःखी होना और आकाशवाणी सुनकर धीरज धरना९३अङ्गदके मुखसे रावणकी दर्पोक्ति सुनकर सुग्रीवका रावणके पास जाना और उसके साथ बाहुयुद्ध करना११४
लङ्काका प्राचीन इतिहास, गज-ग्राहके प्रसंगमें ग्राहके पूर्वजन्मकी कथा, गज-ग्राहका सहस्रवर्षव्यापी युद्ध और भगवान् द्वारा गजका उद्धार९४माल्यवान्‌का रावणको उपदेश<br>एकादश सर्ग११५
गरुड़का एक गजको लेकर भक्षण करनेके लिए त्रिकूट पर्वतपर पहुँचना और हनुमान्‌का अशोक-वाटिका में सीतासे फिर मिलना९६राम-रावणका युद्धारम्भ११६
लङ्कासे लौटते समय एक मुनिके द्वारा हनुमान्‌का गर्वोपहार९७वानरी सेनापर मेघनादका शक्तिप्रयोग और रामकी आज्ञासे हनुमान द्वारा लायी हुई द्रोणगिरि-की ओषधिसे सबकी मूर्छा दूर होना११७
समुद्रके इस पार आकर हनुमान्‌का अङ्गद-
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