भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

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पृष्ठ 1184

वत्त्राप्यभिन्नतमःपदसत्त्वात्! * "निर्गुणपदवत्त्राप्यभिन्नतमःपदसत्त्वात्" = "निर्गुणपदवत् तत्रापि अभिन्न-तमःपद-सत्त्वात्"!! * WOW. That makes 100% philosophical and grammatical sense: * Just like the word "nirguna", there also ("tatra api" -> ttraapi), because of the presence of the identical word "tamas" ("abhinna-tamah-pada-sattvat"). * Brilliant!

*   **Line 20:**
    *   `मित्यहतपाप्म ब्रह्म । पराशरे ब्रह्मनिरूपणेऽपि । मनुस्मृतिषु तमोनिरूपणं तदवान्तरप्रलयविषयं`
    *   Wait, look at `पराशरे ब्रह्म...`:
    *   Is it `ब्रह्मनिरूपणेऽपि` or `ब्रह्मकनिरूपणेऽपि`?
    *   Wait, line 20: `पराशरे` then `ब्रह्म` then `नि` `रू` `प` `णे` `ऽ` `पि`! It is `पराशरे ब्रह्मनिरूपणेऽपि ।` (No 'क').
    *   Wait, look at before it:
    *   `मित्यहतपाप्म ब्रह्म ।` -> wait, `मित्यपहतपाप्मा` or