भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1348, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1348

" Then L21 says: "...इत्यादिना पूर्वमुक्तम्" Wait, in L23: "संनिधापेति" for "संनिधापयिताऽस्तीति". In L24: "विवादेति" for "विवादाध्यासितत्वेन". In L25: "पक्षेति" for "पक्षेण च". In L21: "हेतूपेति"? Look at L4: "हेतुमात्राधीनोत्पादत्वात्"? No, L3: "हेतुनिबद्धं"! Wait, L21: look at the third letter: ह - े - त - ू - पे - त - ि ? Wait, L22: "प्रत्ययोपेति तत्र प्रत्ययोपनिबन्ध इत्यादिना पूर्वमुक्तः ।" Look at L22: "प्रत्ययोपेति"! That stands for "प्रत्ययोपनिबद्धो"! So in L21, it must be for "हेतुनिबद्धं" or "हेतूपनिबद्धं"? Wait, look at L21: ह - े - त - ू (or ु) - नि - ब - द्धे - त - ि ? No, look at L21 carefully: ह - े - त - ू - पे - त - ि -> हेतूपेति! Wait, why हेतूपेति? Did the text previously have "हेतूपनिबद्धं"?