भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 490, कुल 2600 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 490

= , below it is स्++ with visarga). Exactly उपदेशोगस्त्यः! And line 33: भावना सनकादिकर्तृका तस्याम् । आदिपदेन संयोगे वियोगवृत्तिरूपे प्रेम्णि । Wait, let's look at भावना सनकादिकर्तृका: In image, भावना is followed by सनकादिकर्तृका: Wait, is it सदादिकर्तृका or सनकादिकर्तृका? The second letter has a loop like : with and -> सनकादिकर्तृका! Yes, absolutely brilliant! * Line 33 (cont): न तथेति न सर्वथा ब्रह्मभाव * Line 34: इत्यर्थः । तत्र हेतुर्बहिःस्फूर्तेरित्यादि । तथा चोत्कटविरहे ब्रह्मभावस्तत्र बहिःस्फूर्तेरभावादिति * Line 35: भावः । बृहदन्तर्गतदृष्टान्तात् । ननु तद्वतिरिक्तानां सर्वथा ब्रह्मभावस्मरणात् सद्योमुक्तिप्रसङ्ग इति चेन्न । Wait, बृहदन्तर्गतदृष्टान्तात्? Let's look at the first word of line 35

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित) · पृष्ठ 490, कुल 2600 में से · BharatKosha