भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

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? No, it's 'ऽ' then a letter: Wait, is it 'ऽल'? No! Wait, look at: अ - ग्रे - ऽ - स्त्य - धि - क - र - णे Yes, 'स्त्य' or 'प्य'? Wait, could it be "अग्रेऽप्यधिकरणे"? Look at 'प्य': in 'अप्यदर्शनात्' (L26: 'क्वाप्यदर्शनात्') - look at 'प्य' in 'क्वाप्यदर्शनात्' in line 26: क्वा (kvā) + प्य (pya) + द (da) + र्श (rśa) + ना (nā) + त् (t)! Look at the 'प्य' in line 26: it looks IDENTICAL to the letter in line 17! IT IS 'प्य'! "अग्रेऽप्यधिकरणे"! WOW, brilliance! "अग्रेऽप्यधिकरणे ।" "अग्रे अपि अधिकरणे" -> "अग्रेऽप्यधिकरणे ।" That makes 1000% sense! "In the next adhikarana also..."! And then: "तावदिति तावत्तात्काल्ये" or "तावदिति तात्काल्ये"? Wait, look at "तावदिति": त - ा - व - द - ि - त - ि Then: त - ा - व - त