अपराजितपृच्छा (भुवनदेवाचार्य - प्राचीन मन्दिर, प्रासाद, कला एवं वास्तु महाग्रन्थ सटीक)

अपराजितपृच्छा (भुवनदेवाचार्य - प्राचीन मन्दिर, प्रासाद, कला एवं वास्तु महाग्रन्थ सटीक)
Aparajitapriccha of Bhuvanadeva with Commentary by Shrikrishna Jugnu
भुवनदेवाचार्य (टीकाकार: डॉ. श्रीकृष्ण 'जुगनू') द्वारा
DevanagariHindipublished535 पृष्ठ
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परिमल संस्कृत ग्रन्थमाला संख्या - ११३ श्रीभुवनदेवाचार्योक्ता सूत्रसन्तानगुणकीर्तिप्रकाशापरनामधेया अपराजितपृच्छा (बृहच्छिल्पस्थापत्यशास्त्रञ्च ) (संस्कृत मूल, 'मोहनबोधिनी' हिन्दी व्याख्या एवं श्लोकानुक्रमणिका सहित) प्रथम भाग (सूत्र : १-१३८ तक) MKatyayana सम्पादक एवं अनुवादक डॉ. श्रीकृष्ण 'जुगनू' प्रो. भँवर शर्मा परिमल पब्लिकेशन्स दिल्ली