आपस्तम्ब धर्मसूत्र (महर्षि आपस्तम्ब - हरदत्त टीका एवं हिन्दी अनुवाद)

आपस्तम्ब धर्मसूत्र (महर्षि आपस्तम्ब - हरदत्त टीका एवं हिन्दी अनुवाद)
Apastamba Dharmasutra with Hindi Commentary
महर्षि आपस्तम्ब / हरदत्त टीका द्वारा
DevanagariSanskritpublished399 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 346
| श्रीमदापस्तम्बधर्मसूत्रगतानां | ३१ |
|---|---|
| उपदेशनम् १, २, ७ | उपवेष्टिती १, ८, २ |
| उपद्रष्टा २, ६, २ | *उपव्युषम् १, ९, २२ |
| उपधमेत् १, १५, २० | उपशोषयेत् २, १०, १७ |
| उपधानम् २, ६, १५ | उपश्रोता २, ६, २ |
| उपनयते १, १, ११ | उपसंग्रहणम् १, ५, १८, १, १०, १७, |
| उपनयनम्* १, १, ९, २९, ३६, १, २, ५, ६, | \ \ \ १, १४, ८ |
| उपनयनप्रभृति २, २१, ३ | उपसंग्रहणात् १, ७, २७ |
| उपनयनात् २, १५, २ २ | उपसंग्राह्याः १, ७, १३, १, १४, ६ |
| उपनयीत १, १, १९ | उपसंग्राह्यौ १, ५, २२ |
| उपनिधाय १, ३, ३१ | उपसंगृह्णीयात् १, ५, २१; १, ६, २९; १, |
| उपनिषदाम् २, ५, १ | \ \ \ ७, १३, १, १३, १३, ९, १४, ११ |
| उपमज्य २, १५, ७ | उपसंगृह्य १, ८, १९, १, २८, ८; २, ५, ४ |
| उपयुङ्क्ते १, ५, ७ | *उपसंग्राह्यः १, ५, २० |
| उपयुञ्जीत १, २८, ७ | उपसंजिघृक्षेत् १, ८, १९ |
| उपयोगे २, ३, १३ | उपसमाधाय २, ६, १, |
| उपयोजयेत् १, ७, १८, १, १५, १५; १, १७, १६; २, १४, ३, २, २०, १ | उपासमाधास्यन् २, १, १३ |
| उपरि १, ३१, १५ | उपसमिन्ध्यात् २, १, १३ |
| उपरिजानु १, २४, ११, १, २८, ११; २, १८, ५ | उपसीदेत् १, ६, १२ |
| उपरिशय्याम् २, ६, १५ | उपसेचनम् २, ७, ४ |
| उपरुन्ध्यात् १, ८, २६, २, ९, ११ | उपस्तरणम् २, ६, १५ |
| उपलभेत २, २१, १६ | उपस्थाप्य २, ५, ४ |
| उपलभ्यन्ते १, १६ १२, २, २४, १३ | उपस्पर्शन, २, ५, १० |
| उप्तलिप्तकेशश्मश्रुः १, ८, २ | उपस्पर्शनम् १, ३१, ६ |
| उप्तलिप्ते १, ९, ५ | उपस्पृशति १, १६, ११ |
| उपवासः १, ८, ३०, १, २४, १७, २, १, ४, २, १, १४, २,२०, ९ | उपस्पृशन् १, २८, ११; २, १८, ५ |
| उपविशन्ति २, १५, ७ | उपस्पृशेत् १, ७, १०, १, १५, ७; १, १६, ५, ८; ९; १४; १, २६, ७; १, २७, ५, २, ३, ३, २, ५, ४; २, १९, ९, २, २२, १३ |
| उपवीतार्थे २, ४, २३ | उपस्पृश्य १, १६, १०; १४; १, २६, १५, १, २७, १, २, १२, १३ |
* एतच्चिह्नार्थः सूच्यादौ टिप्पण्यां द्रष्टव्यः ।