भारतकोश
अष्टाध्यायी सूत्रपाठ (महर्षि पाणिनि - पदच्छेद एवं यतिबोध सहित सम्पूर्ण ८ अध्याय)

अष्टाध्यायी सूत्रपाठ (महर्षि पाणिनि - पदच्छेद एवं यतिबोध सहित सम्पूर्ण ८ अध्याय)

Ashtadhyayi Sutrapatha of Maharshi Panini

महर्षि पाणिनि द्वारा

DevanagariSanskritpublished102 पृष्ठ

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( ख )

प्रकाशकीय कृतज्ञता-ज्ञापन

अब मैं अपने पूजनीय पिता जी तथा माता जी 'श्री-------- ----------जी' तथा 'श्रीमती ------------------जी', परिवारवासियों, निकटदूरस्थ बन्धु-बान्धवों, अभिन्नहृदय मित्रों, अतिशयस्नेही 'आचार्य भरत कुमार जी', रचनात्मक संस्कृतसाहित्य के प्रकाशन के प्रति मेरे हृदय में सत्प्रेरणा जगानेवाले, इस अद्भुत एवम् अद्वितीय ग्रन्थ का अत्यन्त शोधपूर्ण मन्थन करके यथाशक्ति श्रेष्ठतम सम्पादन तथा प्रकाशनसम्बन्धी कम्प्यूटर-अक्षरसंयोजन आदि अनेक आवश्यक कार्य पूर्ण करनेवाले, हमारे संस्थान के 'शोध- निर्देशक', समादरणीय तथा अतिशय सुहृत्, सम्पादक महोदय 'आचार्य धर्मेश भारद्वाज जी', इस अद्भुत तथा अद्वितीय ग्रन्थ का मुद्रण करनेवाले मुद्रक महोदय 'श्री --------- -------जी' तथा इस पवित्र कार्य के निर्बाधरूप से पूर्ण होने में सभी सहायक परोक्ष एवम् अपरोक्ष परिस्थितियों के प्रति भी अपनी हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ जिनकी सत्प्रेरणा, सहयोग, परिश्रम तथा शुभकामनाओं के फलस्वरूप ही मैं अकिञ्चन इस ग्रन्थ को यथाशक्ति श्रेष्ठतम रूप में प्रकाशित करने में समर्थ हो सका हूँ। प्रभु आप सभी पर अपनी कृपादृष्टि सदा बनायें रखें, इन्हीं शुभकामनाओं के साथ मैं आप सभी को हार्दिक साधुवाद भी प्रदान करता हूँ। साथ ही आप सभी सुधी पाठकों के आशीर्वचनरूपी फल का पुण्यभागी बन सकूंगा, यह आशा भी करता हूँ। शुभाकाङ्क्षी- प्रकाशक—जयसेठ हीरालाल चम्पालाल खिंवसरा अध्यक्ष श्री परमहंस स्वामी शिवानन्द सरस्वती संस्कृत एवं संस्कृति शोध, शिक्षण तथा प्रशिक्षण संस्थान, तहसील-सिन्नर, जिला-नासिक (महाराष्ट्र), पिन कोड-४२२१०३.