भारतकोश
अष्टाध्यायी सूत्रपाठ (महर्षि पाणिनि - पदच्छेद एवं यतिबोध सहित सम्पूर्ण ८ अध्याय)

अष्टाध्यायी सूत्रपाठ (महर्षि पाणिनि - पदच्छेद एवं यतिबोध सहित सम्पूर्ण ८ अध्याय)

Ashtadhyayi Sutrapatha of Maharshi Panini

महर्षि पाणिनि द्वारा

DevanagariSanskritpublished102 पृष्ठ

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पृष्ठ 56

५६ अष्टाध्यायीसूत्रपाठः ( यतिबोधसहितः )


[वामस्तम्भः / Left Column]

३३ बहुलं छन्दसि। ३४ चायः की। ३५ अपस्पृधेथामानृचुरानृहुश्- चिच्युषे तित्याज श्राताः श्रितमाशीराशीर्ताः। ३६ न सम्प्रसारणे सम्प्रसारणम्। ३७ लिटि वयो यः। ३८ वश्चास्यान्तरस्यां किति। ३९ वेञः। ४० ल्यपि च। ४१ ज्यश्च। ४२ व्यश्च। ४३ विभाषा परेः। ४४ आदेच उपदेशेऽशिति। ४५ न व्यो लिटि। ४६ स्फुरतिस्फुलत्योर्घञि। ४७ क्रीङ्जीनां णौ। ४८ सिध्यतेरपारलौकिके। ४९ मीनातिमिनोतिदीङां ल्यपि च। ५० विभाषा लीयतेः। ५१ खिदेश्छन्दसि। ५२ अपगुरो णमुलि। ५३ चिस्फुरोर्णौ। ५४ प्रजने वीयतेः। ५५ बिभेतेर्हेतुभये।


[दक्षिणस्तम्भः / Right Column]

५६ नित्यं स्मयतेः। ५७ सृजिदृशोर्झल्यमकि‍ति। ५८ अनुदात्तस्य चर्दुपधस्यान्य- तरस्याम्। ५९ शीर्षश्छन्दसि। ६० ये च तद्धिते। ६१ पद्‍दनोमास्हन्निशन्यूषन्- दोषन्यकञ्छकन्नुदन्नासञ्- छस्प्रभृतिषु। ६२ धात्वादेः षः सः। ६३ णो नः। ६४ लोपो व्योर्वलि। ६५ वेरपृक्तस्य। ६६ हल्ङ्याब्भ्यो दीर्घात्सुतिस्य- पृक्तं हल्। ६७ एङ्‌ह्रस्वात्सम्बुद्धेः। ६८ शेषेछन्दसि बहुलम्। ६९ ह्रस्वस्य पिति कृति तुक्। ७० संहितायाम्। ७१ छे च। ७२ आङ्‌माङोश्च। ७३ दीर्घात्पदान्ताद् वा। ७४ इको यणचि। ७५ एचोऽयवायावः। ७६ वान्तो यि प्रत्यये।

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