आश्वलायन गृह्यसूत्र (अनाविला टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

आश्वलायन गृह्यसूत्र (अनाविला टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Ashvalayana Grihyasutra Hindi
महर्षि आश्वलायन (टीकाकार: हरदत्त आचार्य) द्वारा
स्रोत: Asvalayana Grihya Sutram with Anavila Commentary by Haradatta (उद्गम)
DevanagariHindipublished292 पृष्ठ
पृष्ठ 39, कुल 292 में से
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| सूत्रम्. | विषयः. |
|---|---|
| ४. | अन्नाद्यकामस्यार्द्रसमिदाहरणम् । |
| ५. | ब्रह्मवर्चसकामस्य शुष्कसमिदाहरणम् । |
| ६. | उभयकामस्यार्धशुष्कसमिदाहरणम् । |
| ७. | गोदानम् । |
| ८. | मन्त्राणामात्मार्थत्वेनोहः । |
| ९. | स्नानं वस्त्रधारणं चक्षुषोरञ्जनं च । |
| १०. | मणिकुण्डलधारणं ब्राह्मणस्य प्रथमं मुखे चन्दनानुलेपश्च । |
| ११. | क्षत्रियस्य प्रथमं बाह्वोश्चन्दनानुलेपनम् । |
| १२. | वैश्यस्योदरे । |
| १३. | स्त्रिया गुह्ये । |
| १४. | दूतानामूर्वोः । |
| १५. | स्रग्बन्धनम् । |
| १६. | माल्यधारणप्रतिषेधः । |
| १७. | अवशेन मालेत्युच्चारणेऽपि पुनः स्रक्पदमुच्चार्यैव धारणम् । |
| १८. | उपानच्छत्रधारणम् । |
| १९. | वैणवदण्डधारणम् । |
| २०. | कण्ठे मणिं धृत्वोष्णीषं कृत्वा समन्त्रं समिदाधानम् । |
| २१. | खिलमन्त्रेण हुत्वा होमसमापनम् । |
| २२. | मधुपर्कपूजायै रात्रौ स्नातकस्य पितृगृहे वासः । |
| २३. | दक्षिणां दत्त्वा गुरुमनुज्ञाप्य वा स्नानम् । |
| २४. | स्नातकव्रतानि । |
| २५. | तस्य प्रतिषिद्धानि कर्माणि । |
| २६. | स्नातकप्रशंसा । |
अष्टमः खण्डः ।
| सूत्रम्. | विषयः. |
|---|---|
| १. | समावर्तमानस्य सम्बुद्ध्या गुरुनामग्रहणम् । |
| २. | वियुज्यवासाय गुर्वनुज्ञाप्रार्थनम् । |
| ३. | उपांशु मन्त्रजपः । |