आश्वलायन गृह्यसूत्र (अनाविला टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

आश्वलायन गृह्यसूत्र (अनाविला टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Ashvalayana Grihyasutra Hindi
महर्षि आश्वलायन (टीकाकार: हरदत्त आचार्य) द्वारा
स्रोत: Asvalayana Grihya Sutram with Anavila Commentary by Haradatta (उद्गम)
DevanagariHindipublished292 पृष्ठ
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शुद्धिपत्रम् ।
| पृष्ठम् . | पङ्क्तिः . | अशुद्धम् . | शुद्धम् . |
|---|---|---|---|
| १० | २३ | त्वि | र्त्वि |
| १४ | १३ | ये | य |
| ५० | ४ | यदा | य था |
| ,, | १४ | थ | थे |
| ७९ | ३ | रा' स | रास' |
| ८६ | १९ | ना य | नां य |
| १४९ | १२ | भान् | र्भान् |
| १६२ | ,, | दृध्वा ह | दृध्वाह |
| ,, | १४ | तोब्र | ब्रतो |
| १८८ | १० | याऽस्थी | या अस्थी |