अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1044, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ेंअयन्महा ते अर्वाहः.. (११) यह दिवस तुम्हारा महान अश्व है. (११) स इच्छकं सघाघते.. (१२) वह कामना करने वालों का समाधान कर्ता है. (१२) सघाघते गोमीद्या गोगतीरिति.. (१३) गोमीठ गायों की गति को एकत्र करता है. (१३) पुमां कुस्ते निमिच्छसि.. (१४) पुरुष और पृथ्वी तुझे प्रसन्न करते हैं. (१४) पल्प बद्ध वयो इति.. (१५) हे वृद्ध पल्प! यह तेरा अन्न है. (१५) बद्ध वो अघा इति.. (१६) बंधा होना पाप है. (१६) अजागार केविका.. (१७) सेविकाएं जागी नहीं हैं. (१७) अश्वस्य वारो गोशपद्यके.. (१८) अश्व के सवार हो कर गाय के खुर के गड्ढे में पड़े हैं. (१८) श्येनीपती सा.. (१९) यह श्येनीपति अर्थात् मादा बाज का स्वामी है. (१९) अनामयोपजिह्विका.. (२०) उप जिह्विका रोग रहित है. (२०) सूक्त-१३० को अर्य बहुलिमा इषूनि.. (१) ebook converter DEMO Watermarks*