भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 1046, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1046

यह ऐश्वर्य के प्रति गति दे. (१२) शृङ्ग उत्पन्न.. (१३) सींग उत्पन्न हुआ. (१३) मा त्वाभि सखा नो विदन्.. (१४) मेरा मित्र मुझे और तुझे मिले. (१४) वशायाः पुत्रमा यन्ति.. (१५) वशा गौ के पुत्र को लाते हैं. (१५) इरावेदुमयं दत्त.. (१६) ज्ञानपूर्ण इरा उसे दो. (१६) अथो इयन्नियन्निति.. (१७) इस के पश्चात यह इस प्रकार का है. (१७) अथो इयन्निति.. (१८) फिर यह इस प्रकार है. (१८) अथो श्वा अस्थिरो भवन्.. (१९) इस के बाद श्वा अर्थात् कुत्ता अस्थिर हुआ. (१९) उयं यकांशलोकका.. (२०) कष्टकारी लोक वाला हो. (२०) सूक्त-१३१ आमिनोनिति भद्यते.. (१) यह परम तत्त्व कहा जाता है. (१) तस्य अनु निभञ्जनम्.. (२) उस के बाद विभाजन है. (२) ebook converter DEMO Watermarks*

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित) · पृष्ठ 1046, कुल 1063 में से · BharatKosha