भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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३१. क्रोध के अभिमानी देव मन्यु का वर्णन १-७ ३२. मन्यु की स्तुति १-७ ३३. अग्नि देव की स्तुति १-८ ३४. ब्रह्मोदन की स्तुति १-८ ३५. प्राणियों के निर्माणकर्ता देवों का वर्णन १-७ ३६. सत्य एवं ओज वाले अग्नि देव की स्तुति १-१० ३७. विभिन्न जड़ीबूटियों का वर्णन १-१२ ३८. अप्सराओं द्वारा अक्षशलाका की स्तुति १-७ ३९. अग्नि, वायु, सूर्य आदि की प्रशंसा १-१० ४०. जातवेद अग्नि की स्तुति १-८ पांचवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. वरुण की स्तुति १-९ २. इंद्र की महिमा का वर्णन १-९ ३. अग्नि देव की प्रशंसा १-११ भारती, सरस्वती और पृथ्वी की स्तुति ७ इंद्र की स्तुति ८ ४. कुष्ठ ओषधि का वर्णन १-१० ५. लाख ओषधि का वर्णन १-९ ६. ब्रह्म की स्तुति १-१४ सूर्य की स्तुति ४ अग्नि की स्तुति ११ ७. अराति की स्तुति १-१० ८. अग्नि देव से यज्ञ में सभी देवों को लाने का आग्रह १-९ इंद्र को यज्ञ में आने का निमंत्रण २ अन्य देवों से यज्ञ में आने का आग्रह ३ इंद्र से शत्रुओं को मारने का आग्रह ९ ९. पृथ्वी, स्वर्ग और आकाश से प्रार्थना १-८ १०. पत्थर से बने घर की स्तुति १-८ चंद्रमा, वायु, सूर्य, अंतरिक्ष और पृथ्वी की स्तुति ८ ११. वरुण देव की स्तुति १-११ १२. अग्नि की स्तुति १-११ १३. सर्पविषनाशन वर्णन १-११