अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 15, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ें४५. दुःस्वप्न का विनाश १-३ ४६. दुःस्वप्न का विनाश १-३ ४७. अग्नि की स्तुति १-३ ४८. सवन नामक यज्ञ का उल्लेख १-३ ४९. अग्नि की स्तुति १-३ ५०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-३ ५१. वरुण देव की स्तुति १-३ ५२. सूर्य देव की स्तुति १-३ ५३. पृथ्वी आदि की स्तुति १-३ ५४. इंद्र, अग्नि और सोम की स्तुति १-३ ५५. छह ऋतुओं के अधिष्ठाता देवों की प्रशंसा १-३ ५६. विश्वे देव और रुद्र की स्तुति १-३ ५७. रोग की ओषधि का वर्णन १-३ ५८. इंद्र, सविता, अग्नि, सोम आदि की प्रशंसा १-३ ५९. सहदेवी नामक ओषधि का वर्णन १-३ ६०. अर्यमा देव की स्तुति १-३ ६१. जल के अधिष्ठाता देव की स्तुति १-३ ६२. वैश्वानर अग्नि की स्तुति १-३ ६३. अनिष्टकारिणी देवी निर्ऋति का वर्णन १-४ ६४. सोमनस्य के इच्छुक जनों को उपदेश १-३ ६५. इंद्र की स्तुति १-३ ६६. इंद्र की स्तुति १-३ ६७. इंद्र की स्तुति १-३ ६८. सविता देव व माता अदिति की प्रशंसा १-३ ६९. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-३ ७०. प्रेम बंधन का वर्णन १-३ ७१. अग्नि की प्रशंसा १-३ ७२. अर्क मणि का वर्णन १-३ ७३. वरुण देव की स्तुति १-३ ७४. ब्रह्मणस्पति देव की स्तुति १-३ ७५. इंद्र की स्तुति १-३ ७६. सायंतन अग्नि की स्तुति १-४ ७७. जातवेद अग्नि की प्रशंसा १-३ ७८. अग्नि देव की प्रशंसा १-३ ७९. अंतरिक्ष के पालनकर्ता अग्नि की प्रशंसा १-३ ebook converter DEMO Watermarks*