भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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द्यावा पृथ्‍वी की प्रशंसा ३ अश्विनीकुमारों की प्रशंसा ४ ४१. तप की दीक्षा १ ४२. ब्रह्म का वर्णन १-४ इंद्र की प्रशंसा ३ ४३. अग्नि आदि देवों की स्तुति १-८ सगुण ब्रह्म का स्वरूप जानने वाले कहां जाते हैं २ ४४. आंजन का वर्णन तथा स्तुति १-१० प्राण रक्षक आंजन ४ राजा वरुण की स्तुति ८ ४५. आंजन का वर्णन और स्तुति १-१० अग्नि की स्तुति ६ इंद्र की प्रशंसा ७ भगदेव की स्तुति ९ ४६. आस्तृत मणि का वर्णन तथा स्तुति १-७ ४७. नीलवर्ण के अंधकार वाली रात्रि का वर्णन १-९ कल्याण कारिणी रात्रि २ रात्रि के गण देवता ४ ४८. रात्रि का वर्णन तथा प्रशंसा १-६ उषःकाल की कामना ३ ४९. रात्रि का वर्णन व स्तुति १-१० ५०. रात्रि का वर्णन व वंदना १-७ ५१. कर्म का अनुष्ठान करने का इच्छुक १-२ ५२. काम की स्तुति १-५ काम से मित्र के समान आचरण करने की इच्छा २ ५३. काल का वर्णन १-१० काल रूप परमात्मा २ सूर्य का संसार को प्रकाशित करना ६ ५४. काल का वर्णन १-५ सभी की गति का कारण काल २ ५५. अग्नि देव की स्तुति १-६ संपूर्ण अन्न और जीवन की कामना ६ ५६. बुरे स्वप्न के अभिमानी क्रूर पिशाच का वर्णन १-६ स्वप्न से बचने का उपाय वरुण ने आदित्यों को बताया ४ ५७. दुःस्वप्न नाशन १-५ ५८. परमात्मा से संबंधित ज्ञान १-६ आकाश और पृथ्वी से तेज की याचना ३ इंद्रियों को निर्देश ४ ebook converter DEMO Watermarks*