भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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स्थान पर जाता है, उसी प्रकार दूसरे स्तुतिकर्ताओं का अतिक्रमण कर के तुम शीघ्र हमारे पास आओ. (१) सूक्त-१२३ देवता—सोम, वरुण मर्माणि ते वर्मणा छादयामि सोमस्त्वा राजा ऽ मृतेनानु वस्ताम्. उरोर्वरीयो वरुणस्ते कृणोतु जयन्तं त्वा ऽ नु देवा मदन्तु.. (१) हे विजय के इच्छुक राजा! मैं तेरे मर्मस्थानों को कवच से ढकता हूं. सोम राजा तुझे अपने अविनाशी तेज से आच्छादित करें. वरुण देव तेरे लिए अधिक सुख दें. इंद्र आदि सभी देव शत्रु सेना को भयभीत करते हुए तुझे हर्षित करें. (१) ebook converter DEMO Watermarks*