अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 422, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ेंरक्षन्तु त्वा ऽ ग्नयो ये अप्स्व १ न्ता रक्षतु त्वा मनुष्या ३ यमिन्धते. वैश्वानरो रक्षतु जातवेदा दिव्यस्त्वा मा प्र धाग् विद्युता सह.. (११) जल के मध्य में जो वाडव आदि अग्नियां हैं, वे तेरी रक्षा करें. मनुष्य यज्ञ करने के लिए अथवा भोजन पकाने के लिए जिन अग्नियों को जलाते हैं, वे तेरी रक्षा करें. जन्म लेने वालों को जानने वाले जठराग्नि देव तेरी रक्षा करें. आकाश की बिजली तेरे शरीर के साथ रहती हुई तुझे भस्म न करे. (११) मा त्वा क्रव्यादभि मंस्तारात् संकसुकाच्चर. रक्षतु त्वा द्यौ रक्षतु पृथिवी सूर्यश्च त्वा रक्षतां चन्द्रमाश्च. अन्तरिक्षं रक्षतु देवहेत्या:.. (१२) मांस का नाश करने वाली अग्नि तुझे अपना आहार बनाने का विचार न करे. तू सब का भक्षण करने वाली अग्नि से दूर देश में विचरण कर. पृथ्वी, आकाश, सूर्य, चंद्रमा तथा अंतरिक्ष देव के आयुध से तेरी रक्षा करें. (१२) बोधश्च त्वा प्रतीबोधश्च रक्षतामस्वप्नश्च त्व ऽ नवद्राणश्च रक्षताम्. गोपायंश्च त्वा जागृविश्च रक्षताम्.. (१३) गोबोध और प्रतिबोध नामक ऋषि तेरी रक्षा करें. स्वप्न न देखने वाला, निद्रा न लेने वाला, सदा शरीर की रक्षा करने वाला तथा जागने वाला देव – ये सब तेरी रक्षा करें. (१३) ते त्वा रक्षन्तु ते त्वा गोपायन्तु तेभ्यो नमस्तेभ्यः स्वाहा.. (१४) बोध आदि तेरा पालन करें और तेरी रक्षा करें. उन बोध आदि को नमस्कार है. यह हवि उन के लिए उत्तम आहुति वाला हो. (१४) जीवेभ्यस्त्वा समुद्रे वायुरिन्द्रो धाता दधातु सविता त्रायमाणः. मा त्वा प्राणो बलं हासीदसुं ते ऽ नु ह्वयामसि.. (१५) जीवनोपयोगी इंद्रियों के लिए एवं पुत्र, पत्नी, दास आदि की प्रसन्नता के लिए वायु, इंद्र, धाता एवं सविता तुझे मृत्यु से छीन कर हमें प्रदान करें. तेरी रक्षा करते हुए सविता देव तेरे प्राणों और शरीर के बल को तुझ से न छीनें. मैं तेरे प्राणों के अनुकूल उन का आह्वान करता हूं. (१५) मा त्वा जम्भः संहनुर्मा तमो विदन्मा जिह्वा बर्हिः प्रमयुः कथा स्याः. उत् त्वादित्या वसवो भरन्तूदिन्द्राग्नी स्वस्तये.. (१६) हे पुरुष! तुझे भक्षण करने के लिए मिले हुए दांतों वाला जंभ असुर न आए. अज्ञान अथवा अंधकार भी तुझे प्राप्त न करे. तेरी विस्तृत जीभ राक्षसों का वर्णन न करे. जिस ebook converter DEMO Watermarks*