भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 447, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 447

हे जड़ीबूटी! तू दो मुखों वाले, चार आंखों वाले, पीछे की ओर पैरों वाले, अंगुली रहित एवं लताओं के कुंज से सामने की ओर आते हुए तथा सारे शरीर को अधिक रूप में व्याप्त करते हुए राक्षसों से गर्भिणी स्त्री की रक्षा कर. (२२) य आमं मांसमदन्ति पौरुषेयं च ये क्रविः. गर्भान् खादन्ति केशवास्तानितो नाशयामसि.. (२३) जो राक्षस कच्चा मांस खाते हैं, जो मानव मांस का भक्षण करते हैं तथा जो लंबे केशों वाले हैं. वे माया रूप धारण कर के गर्भ में प्रवेश करते हैं और उसे खा जाते हैं. हम उन तीनों प्रकार के राक्षसों को गर्भिणी के समीप से दूर भगाते हैं. (२३) ये सूर्यात् परिसर्पन्ति स्नुषेव श्वशुरादधि. बजश्च तेषां पिङ्गश्च हृदये ऽ धि नि विध्यताम्.. (२४) जिस प्रकार वधू अपने ससुर की आज्ञा पा कर पति के समीप जाती है, उसी प्रकार जो पीड़ा पहुंचाने वाले राक्षस सूर्य की अनुमति से भूलोक में घूमते हैं, उन के हृदय में पीली और सफेद सरसों के द्वारा प्रहार करना चाहिए. (२४) पिङ्ग रक्ष जायमानं मा पुमांसं स्त्रियं क्रन्. आण्डादो गर्भन्मा दभन् बाधस्वेतः किमीदिनः.. (२५) हे पीली सरसों! तू जन्म लेते हुए बालक की रक्षा कर. तू जन्म लेते हुए लड़के एवं लड़की को पीड़ा मत पहुंचा. जरायु का भक्षण करने वाले राक्षस गर्भो की हिंसा न करें. हे पीली सरसों! “यह क्या है, यह क्या है.” इस प्रकार कह कर घूमने वाले राक्षसों को गर्भिणी के पास से दूर भगा. (२५) अप्रजास्त्वं मार्तवत्समाद् रोदमघमावयम्. वृक्षाद्विव स्रजं कृत्वा ऽ प्रिये प्रति मुञ्च तत्.. (२६) हे पीली सरसों! जिस प्रकार वृक्ष से फूल तोड़ कर और उन की माला बना कर प्रियतम को पहनाई जाती है, उसी प्रकार तू इस स्त्री के बांझपन को, बच्चे मर जाने रूपी दुर्भाग्य को, सदा उत्पन्न होने वाले दुःख को, पाप अथवा उन के फलरूपी दुःखों को सदा सोने की माला बना कर उसे पहना दे, जिस से यह द्वेष करती है. (२६) सूक्त-७ देवता—आयुष्य ओषधियां या बभ्रवो याश्च शुक्ला रोहिणीरुत पृश्नयः. आसिक्नीः कृष्णा ओषधीः सर्वा अच्छावदामसि.. (१) जो जड़ीबूटियां विभिन्न आकारों तथा शुक्ल, लाल आदि रंगों की हैं, उन सभी के सामने ebook converter DEMO Watermarks*