भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 769, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 769

के पाशों से न छूट सके. (७) जितमस्माकमुद्भिन्नमस्माकमृतमस्माकं तेजो ऽ स्माकं ब्रह्मास्माकं स्वरस्माकं यज्ञो ३ ऽ स्माकं पशवो ऽ स्माकं प्रजा अस्माकं वीरा अस्माकम्. तस्मादमुं निर्भजामो ऽ मुमामुष्यायणममुष्याः पुत्रमसौ यः स पराभूत्याः पाशान्मा मोचि. तस्येदं वर्चस्तेजः प्राणमायुर्नि वेष्टयामीदमेनमधराज्वं पादयामि.. (८) शत्रुओं को मार कर लाए हुए तथा जीते हुए सभी पदार्थ हमारे हैं. सत्य, तेज, ब्रह्म, स्वर्ग, पशु, प्रजा तथा सभी वीर हमारे हैं. अमुक गोत्र वाले और अमुक स्त्री के पुत्र को, हम इस लोक से दूर करते हैं. मैं उस के तेज, बल, प्राण और आयु को घेरता हूं. वह पराजय के पाशों से न छूटने पाए. (८) जितमस्माकमुद्भिन्नमस्माकमृतमस्माकं तेजो ऽ स्माकं ब्रह्मास्माकं स्वरस्माकं यज्ञो ३ ऽ स्माकं पशवो ऽ स्माकं प्रजा अस्माकं वीरा अस्माकम्. तस्मादमुं निर्भजामो ऽ मुमामुष्यायणममुष्याः पुत्रमसौ यः. स देवजामीनां पाशान्मा मोचि. तस्येदं वर्चस्तेजः प्राणमायुर्नि वेष्टयामीदमेनमधराज्वं पादयामि.. (९) शत्रुओं को मार कर लाए हुए तथा जीते हुए सभी पदार्थ हमारे हैं. सत्य, तेज, ब्रह्म, स्वर्ग, पशु, प्रजा तथा सभी वीर हमारे हैं. अमुक गोत्र वाले और अमुक स्त्री के पुत्र को, हम इस लोक से दूर करते हैं. मैं उस के तेज, बल, प्राण और आयु को घेरता हूं. वह इंद्रिय संबंधी दोषों से छूटने न पाए. (९) जितमस्माकमुद्भिन्नमस्माकमृतमस्माकं तेजो ऽ स्माकं ब्रह्मास्माकं स्वरस्माकं यज्ञो ३ ऽ स्माकं पशवो ऽ स्माकं प्रजा अस्माकं वीरा अस्माकम्. तस्मादमुं निर्भजामो ऽ मुमामुष्यायणममुष्याः पुत्रमसौ यः. स बृहस्पतेः पाशान्मा मोचि. तस्येदं वर्चस्तेजः प्राणमायुर्नि वेष्टयामीदमेनमधराज्वं पादयामि.. (१०) शत्रुओं को मार कर लाए हुए तथा जीते हुए सभी पदार्थ हमारे हैं. सत्य, तेज, ब्रह्म, स्वर्ग, पशु, प्रजा तथा सभी वीर हमारे हैं. अमुक गोत्र वाले और अमुक स्त्री के पुत्र को, हम इस लोक से दूर करते हैं. वह बृहस्पति के बंधन से मुक्त न हो. मैं उस के तेज, वर्च, प्राण और आयु को लपेट कर उसे औंधे मुंह गिराता हूं. (१०)