भारतकोश
आत्मबोध व तत्त्वबोध (आदि शङ्कराचार्य - हिन्दी व्याख्या सहित)

आत्मबोध व तत्त्वबोध (आदि शङ्कराचार्य - हिन्दी व्याख्या सहित)

Atmabodha & Tattvabodha with Hindi Commentary

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: कैलाश आश्रम ऋषिकेश · कैलाश आश्रम ऋषिकेश (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished51 पृष्ठ

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ॐ ।। श्रीमदभिनवचन्द्रेश्वरो विजयतेतराम् ।। श्रीशङ्करभगवत्पादाचार्यप्रणीतः तत्त्वबोधः (पूर्वार्धम्) भाषानुवादक एवं व्याख्याकार- आचार्य महामण्डलेश्वर श्रीमत्स्वामी दिव्यानन्द सरस्वती जी महाराज सम्पादक आचार्य स्वामी विजयानन्द पुरी जी वासुदेवेन्द्रयोगीन्द्रं नत्वा ज्ञानप्रदं गुरुम्। मुमुक्षूणां हितार्थाय तत्त्वबोधोऽभिधीयते।। वासुदेव रूप परमात्मा से अभिन्न ज्ञानप्रद गुरुदेव श्री गोविन्द योगीन्द्र भगवत्पाद को प्रणाम कर मुमुक्षुओं के हित मोक्षसाधन ज्ञान प्राप्ति के लिये तत्त्वबोध का उपदेश किया कहा जा जाता है। तत्त्वज्ञान-प्रतिपादक होने से ग्रन्थ का नाम तत्त्वबोध है। जगद्गुरु श्री शङ्करभगवत्पाद ने वैदिक सिद्धान्त के

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