भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished112 पृष्ठ

पृष्ठ 19, कुल 112 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 19

आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में

19

हींग का कमाल

गर्म पानी में हींग घोलकर गराये करें। घर से बाहर रहकर वहाँ की जलवायु के परिणामस्वरूप आवाज बैठी हो तो यह दवा बहुत हितकारी है।

अन्य और सहायक उपचार

  • ❑ 1 ग्राम पिप्पा हुआ आँवला खाकर ऊपर से पानी पी लें।
  • ❑ पिप्पी हुई काली मिर्च में घी मिलाकर सेवन करें।
  • ❑ शलगम का साग खाएँ।
  • ❑ गर्म हलवा खाएँ।
  • ❑ पौन गिलास पानी को गर्म करके उसमें चम्मच-भर शहद मिलाकर उस पानी से गराये करें।

सावधानी बरतें

  • ❑ तेलयुक्त पदार्थ, ठंडे पदार्थ, खट्टे पदार्थ आदि का सेवन मत करें।
  • ❑ मौन रखें।

इन्फ्लूएंजा है

अदरक का कमाल

छोटे चम्मच जितना अदरक का रस निकालकर उसमें शहद मिलाकर सेवन करें। यह बड़ा लाभकारी दवा है।

उच्च रक्तचाप है

योग वटी का कमाल

दिन में दो बार शहद के साथ 2-2 गोलियाँ लें। अधिक रक्तचाप होने पर तीन बार भी ले सकते हैं।