भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished112 पृष्ठ

पृष्ठ 28, कुल 112 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 28

28

साहिब बन्दशी

गेहूँ का कमाल

22 ग्राम गेहूँ के दाने लेकर उनमें थोड़ा-सा नमक मिलाकर एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी आधे से भी कम या फिर तीसरा हिस्सा शेष रह जाए तो उतारकर सहने योग्य गर्म होने पर पी लें। कुछ दिन तक लगातार यह दवा लें।

फिटकरी का कमाल

फिटकरी को अच्छी तरह पीसकर तवे पर रखें। जब फिटकरी ऊपर से पानी की तरह हो जाए तो चाकू आदि से उसे चपाती की तरह उलट दें। जब पूरी तरह से पक जाए यानी शुष्क हो जाए तो उतारकर उसे कूट-पीस लें। यह चूर्ण बड़ा लाभकारी है, इसे सुरक्षित रख लें। जब भी खाँसी हो तो इसके थोड़े-से चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ कुछ दिन नित्य सेवन करें।

मुलहठी का कमाल

मुलहठी का सेवन करें।

काली मिर्च का कमाल

काली मिर्च और मिश्री पीसकर थोड़ा-सा घी मिला लें और गोली बनाकर चूसें। यह तो बड़ा ही लाभकारी प्रयोग है।

बायबिडंग का कमाल

बायबिडंग, त्रिफला, सोंठ, पीपल, गिलोय, राक्षा, मिर्च, चित्रक, मिश्री-सब समान मात्रा में लेकर कूट-पीस लें। ढाई ग्राम यह दवा रोज़ खाना बड़ा लाभकारी है।

अजवायन का कमाल

□ आपके बच्चे को खाँसी है तो घबराएँ नहीं, ढाई चम्मच अजवायन लें, इतनी ही सौंफ लें और दोनों को डेढ़ गिलास पानी में