आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
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थोड़ी मिश्री मिलाकर छोटे बेर के समान गोलीयाँ बनाकर रख लें। रोज एक गोली 8-10 दिन तक खाएँ।
अन्य उपाय
❑ रोज दो केले खाएँ।
❑ कच्चे केले का चूर्ण बनाकर उसमें उतना ही गुड़ मिला लें। दवा तैयार है। 12 ग्राम यह दवा सुबह-शाम सेवन करें।
प्रमेह रोग है
कपूर का कमाल
कपूर, सोंठ, पिप्पली, जायफल, लौंग, कालीमिर्च, बंशलोचन, अनारदाना, पत्रज, तज, इलायची-सबको अच्छी तरह पीस लें। फिर इसमें मिश्री और कांतिसार को मिलाकर चूर्ण तैयार कर किसी शीशी में भरकर रख दें। यह चूर्ण (दो टक) फाँककर बकरी का दूध पी लें। यह दवा अनेक प्रकार के प्रमेह से राहत दिलाने वाली है।
काँगसी का कमाल
काँगसी की 40 ग्राम जड़, 2 इलायची, 6 काली मिर्च-तीनों को कूट-पीसकर सुबह खाली पेट सेवन करें।
फूलबन्ती का कमाल
12 ग्राम फूलबन्ती, 10 ग्राम मिश्री, 5 काली मिर्च-सबको पानी के साथ कूट-पीस कर सेवन करें।
भिण्डी का कमाल
भिण्डी की जड़ को दूध में डालकर उबाल लें। फिर उसमें मिश्री और घी मिलाकर सेवन करें। बहुत लाभकारी है।
काकड़ बेल का कमाल
240 मि. ग्रा. इलायची, काकड़ बेल के 40 ग्राम पत्ते, ढाई ग्राम