भारतकोश
आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished112 पृष्ठ

पृष्ठ 75, कुल 112 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 75

आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में

75

कपूर का कमाल

पेशाब के रास्ते में कपूर रखें।

अन्य और सहायक उपचार

  • ❑ केले के तने का रस निकाल लें। 5 चम्मच इस रस में इससे आधा घी मिलाकर सेवन करें। बहुत लाभकारी है।
  • ❑ 210 ग्राम शिलाजीत में 750 मि. ग्रा. दूध को मिलाकर सेवन करें।
  • ❑ बथुए का साग खाएँ।

मेदा कमजोर है

पित्तपापड़ा का कमाल

पित्तपापड़ा के पत्तों का रस पिएँ।

मोच आई है

अन्य और सहायक उपचार

  • ❑ मोच वाली जगह को पानी से धोकर मिट्टी का तेल लगाकर मालिश करें।

मोटापा है

नींबू का कमाल

रोज सुबह-सुबह खाली पेट पौन गिलास गुनगुने जल में एक नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें। यह बड़ा ही आसान और उतना ही लाभकारी प्रयोग है।

अन्य और सहायक उपचार

  • ❑ छाछ का सेवन करें।