भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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ूषु बिभ्रतः । प्रजावन्तो अशीमहि" or "अग्नीमहीति"? TS 1.8.5.2: "वयꣳ सोम व्रते तव मनस्तनूषु बिभ्रतः । प्रजावन्तो अग्नीमहि ॥" YES! अग्नीमहि! Now look at the junction: अग्नीमहि + इति -> अग्नीमहौति? No, अग्नीमहीति! Wait, look at the printed text: अग्नीमहीत्यथ! Let's check the letters: ग्नी ही त्य ' ? Wait, after त्य, there is an apostrophe '! अग्नीमहीत्यथ or अग्नीमहीत्य॑थ? Wait, look at the mark above/after त्य: It is ' (apostrophe)! So: अग्नीमहीत्य'थ or अग्नीमहीति ' अथ? Wait, त्य has an apostrophe right after it, then ! Wait, अग्नीमहीत्य'थ is Caland's way of writing अग्नीमहीति ' अथ combined in sandhi! Wait, let's look at