भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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पृष्ठ 260

उप- Line 20 starts with: हूतस्योपहूतो भक्षयामीति ' होतृचमसमेवैते त्रयः समुपहूय

Line 21: २० भक्षयन्ति ' यथाचमसं चमसान्हिन्व म इत्यात्मानं प्रत्यभिमृशन्त ' Wait, look at the number at the start: २० Then: भक्षयन्ति ' यथाचमसं चमसान्हिन्व म इत्यात्मानं प्रत्यभिमृशन्त '

Line 22: Horizontal divider line.

Line 23: Footnote: १ तथैव H.

Let's check the line numbers on the page margin: Line 6 has Line 11 has १० Line 16 has १५ Line 21 has २०

Wait, should the margin line numbers (५, १०, १५, २०) be included in the lines? Yes, they are part of the printed text on those lines. In line 6: ५ तूष्णीं वा ' तथा प्रतिप्रस्थातोत्तरार्ध आहवनीयस्य मन्थिनः In line 11: १० वषट्कृतानुवषट्कृते द्विर्जुहोति ' ब्रह्मण्यज पोतर्यज नेष्टर्यजाच्छावाक In line 16: `१५ नुपह्वतायामिडायामग्