भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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orस्वयंकृत? Look at स्वयंकृत: it ends with , no o-matra visible, just स्वयंकृत. Wait, look between स्वयंकृतandदृति: There is ध्मा! Wait, is ध्मा दृतिorध्मादृति? There is a space: ध्मा दृति '`.

Let's check line 13: मथित आज्य आभृत्य पात्रे चतुःस्रक्तौ स्वयमवपन्नायै शाखायाै Wait, आभृत्य - is that आभृत्य or आभृते? It is आभृत्य! Wait, स्वयमवपन्नायै शाखायाै: Is it शाखायाै? Yes, two ai strokes on yā: शाखायाै.

Let's check line 14: कर्णाꣳश्चाकर्णाꣳश्च तण्डुलान्विचिनुयादित्यथ वै भवति स्वयं- Wait, कर्णाꣳश्चाकर्णाꣳश्च: Is that कर्णाꣳश्चाकर्णाꣳश्च or कर्णाꣳश्चाकणाꣳश्च? Look closely at the second word: चा र्णा

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