बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
DevanagariHindipublished774 पृष्ठ
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orस्वयंकृत? Look at स्वयंकृत: it ends with त, no o-matra visible, just स्वयंकृत. Wait, look between स्वयंकृतandदृति: There is ध्मा! Wait, is ध्मा दृतिorध्मादृति? There is a space: ध्मा दृति '`.
Let's check line 13:
मथित आज्य आभृत्य पात्रे चतुःस्रक्तौ स्वयमवपन्नायै शाखायाै
Wait, आभृत्य - is that आभृत्य or आभृते?
It is आभृत्य!
Wait, स्वयमवपन्नायै शाखायाै:
Is it शाखायाै? Yes, two ai strokes on yā: शाखायाै.
Let's check line 14:
कर्णाꣳश्चाकर्णाꣳश्च तण्डुलान्विचिनुयादित्यथ वै भवति स्वयं-
Wait, कर्णाꣳश्चाकर्णाꣳश्च:
Is that कर्णाꣳश्चाकर्णाꣳश्च or कर्णाꣳश्चाकणाꣳश्च?
Look closely at the second word:
चा क र्णा ꣳ