भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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पृष्ठ 473

: Footnotes! Let's read line by line of footnotes:

    Line 17 (Footnote 1):
    `१ Thus M ; •थैनं all the other MSS.`
    (Note the middle dot: `•थैनं`)

    Line 18-19 (Footnote 2):
    `२ Thus corrected, cp. infra XVII. 41 and XVIII. 9 ; आबध्नी-`
    `ताय० M ; आबध्नात्यायु० the other MSS.`

    Line 20 (Footnote 3):
    `३ All exc. M ins. प्रवर्तम् after एनं ।`

    Line 21-22 (Footnote 4):
    `४ After सर्वमायुरसि M has some words more : सर्वं म आयुर्र्भूयात्सर्व-`
    `मायुर्गेषम्, cp. Āp. XIX. 24. 10.`
    Wait, let's look at `आयुर्र्भूयात्`:
    Line 21: `सर्वं म आयुर्र्भूयात्सर्व-` or `आयुर्भूयात्`?
    Look at: `आ` `यु` `र्भू` `या` `त्`?
    Wait, does it have double repha? `आयुर्र्भूयात्` or `आयुर्भूयात्`?
    Let'