भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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्यन्ते -> गृह्यन्त इति! Wait, let's look at "गृह्यन्त": Is it ह् + य = ह्य? Look at the right side of the letter: it has the vertical stem of य! Wait, but does it have an 'न्' and 'त'? Yes, 'न्त': न्-loop + त. So: "गृह्यन्त" or "गृह्णन्त"? Wait, let's look closely: between 'ह' and 'न्त': There is 'य'! Wait, is it "गृह्यन्त इति"? Let's check line 14: "इति ब्राह्मणम॑थोर्ध्वं वैषुवतात्त्र्यहमन्वहमावृत्तानेव गृह्णाति" Wait, look at line 14: "इति ब्राह्मणम॑थोर्ध्वं वैषुवतात्त्र्यहमन्वहमावृत्तानेव गृह्णाति" Line 14 has: इति (iti) ब्राह्मणम् (braahmanam) with udatta on म: म॑ थोर्ध्वं (thordhvam) वैषुवतात् (vaiṣuvataat) त्र्यहम् (tryaham) अन्वहम् (anvaham) - wait, "अन्वहम्" or "अचहम्"? Look at line 14: अ (a) न्व (nva) ह (ha) म (ma)