भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 644, कुल 774 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 644

! Line 16 starts: स्त्रिर्हरति ' यदाग्नीध्रस्त्रिर्हरत्यथ चालालस्यावृता चालालंWait, look atस्त्रिर्हरति: स्त्रिर्हरति ' यदाग्नीध्रस्त्रिर्हरत्यथ चालालस्यावृता चालालं`

Line 17: परिलिखत्युत्तरवेदेरावृतोत्तरवेदिं निवपत्युत्तरनाभिमुत्साद्य

Line 18: यूपावटं² चालाग्नेरावृता² द्वावग्नी प्रणयत आहवनीयादेवा- Wait, footnote markers: After यूपावटं: ² After चालाग्नेरावृता: ² (or खालाग्नेरावृता? Wait! Look at line 18: खालाग्नेरावृता! Wait, look at footnote 2: २ यूपा० खाला om. M Tr. Yes! The text says: यूपावटं² खालाग्नेरावृता²! It has खालाग्नेरावृता, NOT चालाग्नेरावृता! Caland printed खालाग्नेरावृता² with footnote २ यूपा० खाला om. M Tr.! Let's look at the letter in line 18: yes, it has , `खालाग्नेरावृता