भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

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'? No, it's 'स'). Let's transcribe exactly what is printed.

Wait, look at 'द्यत्रो३': "विद्भ्यसौषीद्यत्रो३" -> wait, is that 'द्यत्रो' or 'द्यन्नो'? 'द्य' + 'त' with r-stroke? No, 'त्' + 'र' with o-matra: 'त्रो'! And then '३' (footnote 3).

Wait, let's check line 10: "विदभिषुणोतीत्यमृं४ तत्र विस्रवाण्य॑ꣳ ' सवसौ ब्राह्मणो नैक्षाय-" Wait, look at the number after त्यमृं: Is it 'त्यमृं४' or 'त्यमूं४'? Look at the vowel under 'म': it is a circle with an open bottom, or 'ऋ'? It is 'ऋ': 'त्यमृं'! And then footnote mark '४'.

Wait, look at line 11: "नानि वेद ' तं गमिष्यामि ' स म५ इमान्वर्णांन्त्संरोपयि- १०" Wait, look at "वर्णांन्त्संरोपयि-": Is it "वर्णांन्त्संरोपयि-" or "वर्णान्र्त्संरोपयि-" or "वर्णान्त्संरोपयि-"? Look at "वर्णांन्त्संरोपयि-

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