बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
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३८६ बौधायनश्रौतसूत्रम् । [ १८ । ४४ । ] १पुरूरवा ह पुरा ऐडो राजा कल्याए आस' तग्ँ होर्वश्यप्सराभिदध्यौ' तग्ँ संवत्सरं कामयमानानुचचारै२वग्ँ ह स्म वै पूर्वं ऽभिश्राम्यन्ति' तद्धातिचिरं मेने' तस्य ह धावतः पुरो रथं कर्तं दर्शयामास' तग्ँ ह दृष्ट्वा राजावतस्थौ' तग्ँ हावस्थाय न ददर्शाथो ह पुनरातस्थौ' तग्ँ हास्थायैव ददर्श' ५ स ह सारथिं पप्रच्छ सारथे किं पश्यसीति' त्वां भगव दूति होवाच रथमस्यान्यन्वानमिति' स हेक्षां चक्रे दृक्ष्यामि वै किलेति' तग्ँ ह वागभ्युवाच न वै दृक्ष्यहं वै त्वामेतं३ कतमदीदृशमित्यथ कस्त्वमित्यहमूर्वश्यप्सरेति होवाच' सा त्वा संवत्सरं कामयमानान्वचारिष