भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished774 पृष्ठ

पृष्ठ 79, कुल 774 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 79

िमिन्धानः! And before that: शल्केस्तोँ... wait! Is itशल्केभिः? Wait, look at शल्केस्तोँ: Is it शल्केस्तोँ? Wait! शल्केभिः->शल्केस्तोँ? No, look at: ल्के स्तोँ-> could it beशल्केस्तोँ? Yes, शल्केस्तोँ! Wait, what mantra is this? Let's search the mantra: "उभौ लोको सनेमहम् । उभयोर्लोकयोर्ऋद्ध्वाति मृत्युं तराम्यहम्"! Mantra: "शल्केभिर्ग्निमिन्धीत..." / "शल्केस्तो रात्रिमग्निमिन्धिते..." Wait, Baudhayana Srauta Sutra 2.15: "शल्केस्तोँ रात्रिमग्निमिन्धिते शल्कैरग्निमिन्धान उभौ लोको सनेमहम् । उभयोर्लोकयोर्ऋद्ध्वातिमृत्युं तराम्यहमिति..." YES! That is the EXACT text: शल्केस्तोँ रात्रिमग्निमिन्धिते शल्कैरग्निमिन्धान उभौ लोकोIt isरात्रिमग्निमिन्धिते! There is no and noर्`

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक) · पृष्ठ 79, कुल 774 में से · BharatKosha