भारतकोश
बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya

आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा

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चतुरश्रश्येनचित् । १२शः प्रकारः २य, ४र्थ प्रस्तारौ पू. द. प. इष्टका संख्याः आत्मनि १०४ (१) अर्धार्धाः ६ पक्षसन्ध्योः १० (३) पक्षाग्रयोः ४४ पुच्छसन्ध्योः ५ (३) अर्धाः २४ पक्षयोः २४ (४) पाद्याः ४ पुच्छे २५ २०० | २०० चित्र ४५ ( सू० ३१४-१७ ) चतुरश्रश्येनचित् ( १मे प्रकारे २य ४र्थ प्रस्तारौ ) ( अत्रापि चित्रलिखने अशुद्धयः वर्तन्ते )