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बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)

Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya

आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished366 पृष्ठ

इष्टकसंख्या-

चित्र ६० । रथचक्रचितेः (प्रधियुक्तायाः)—१म, ३य, ५म, प्रस्ताराः इष्टकसंख्या- १. द्वादश्यः १६८। २. त्रिकोणा ८। ३. अनन्तरा ८ । ४ तदनन्तरा ८। ५. तदनन्तरा ८ = २००

(प्रस्तुत पृष्ठ पर चिति/वेदी का ज्यामितीय रेखाचित्र तथा नीचे ईंटों के आकार प्रदर्शित हैं; नीचे मुद्रित पंक्तियाँ अत्यधिक धुंधली होने के कारण अपठनीय हैं) [अस्पष्ट] [अस्पष्ट]

चित्र ६१ । रथचक्रचितेः ( प्रधियुक्तायाः )—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकसंख्याः—१. द्वादश्यः १६८, २. त्रिकोणाः ८, ३. अनन्तराः ८, ४. तदनन्तराः ८ ५. तदनन्तराः८ = २००

इस पृष्ठ पर केवल वेदी/चिति (परिमण्डल/रथचक्रचिति) के इष्टका-विन्यास का रेखाचित्र (आकृति) अंकित है। पृष्ठ पर अग्रभाग में कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, मन्त्र, व्याख्या अथवा पादटिप्पणी) मुद्रित नहीं है (नीचे केवल विपरीत पृष्ठ का अत्यन्त अस्पष्ट प्रतिबिम्ब/छाया मात्र दृश्यमान है)।

चित्र ६२ । साररथचक्रचितेः—१म, ३य, ५म प्रस्ताराः इष्टकाकरणानि—१. नेम्याः वहिर्वृत्ते । २. अन्तर्वृत्ते । ३. अरेषु १मा । ४. अरेषु २ यो ५. अरेषु ३या ६. अरेषु ४र्थी ७. नाभौ त्रिकोण इष्टकासंख्या—नाभौ ८ अरेषु—१मा १६, २या १६, ३या १६, ४र्थी १६, नेम्यां (अन्तः) ६४ वाह्यवृत्ते ६४ = २००

(इस पृष्ठ पर केवल चिति/वेदी का वृत्ताकार रेखाचित्र अंकित है; कोई मूल पाठ मुद्रित नहीं है। पृष्ठ के निचले भाग में दिखाई देने वाला पाठ पृष्ठ के पीछे की ओर मुद्रित पाठ का प्रतिबिम्ब/छाया मात्र है।)

चित्र ६३ । साररथचक्रचितेः—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकाकरणानि—१. नेम्याः वहिर्वृत्ते । २. अरेषु १मा । ३. अरेषु २या । ४. अरेषु ३या ५. अरेषु ४र्थी । ६. अरेषु ५मी । ७. अरान्तराले नेम्यां । ८. अरान्तराले नाभौ । ९. नाभौ इष्टकासंख्या-नाभौ ८, अरान्तराले नाभौ १६, अरेषु ८०, अरान्तराले नेम्यां ३२, नेम्यां ६४ = २००

(अत्र वृत्तचित्याः रेखाचित्रम् अङ्कितमस्ति, अधोभागे मुद्रितः पाठः अत्यन्तास्पष्टतया/अदृश्यप्रायतया अपाठ्यः अस्ति।)

चित्र ६४ । चतुरस्रद्रोणचितेः '१म, '३य, ५म प्रस्ताराः १. चतुर्थी । २. अध्यर्धा । ३. षष्ठी । ४. अर्ध्या इष्टकसंख्याः—षष्ठ्यः ४२, अध्यर्धाः १६८, अर्ध्याः १८ = २००

CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri.Funding: MIDF

(प्रस्तुत पृष्ठ सादा/रिक्त है। / This page is blank.)

Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu

चित्र ६५ । चतुरस्रद्रोणचितेः—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकसंख्याः—१. चतुर्थ्यः २२, २. अध्यर्धाः १२४, ३. षष्ठ्यः १५, ४. अर्ध्याः ३९ = २००

इस पृष्ठ पर कोई पाठ (सूत, भाष्य, मन्त्र अथवा विवरण) उपलब्ध नहीं है। यह पृष्ठ रिक्त (कोरा) है, जिस पर केवल हल्की ग्रिड रेखाएँ और दाएँ छोर पर खाली चौकोर खाने (आकृतियाँ) दिखाई दे रहे हैं।

चित्र ६६ । चतुरस्रद्रोणचितेः ( शु. मी. )—१म, ३य, ५म, प्रस्ताराः १ चतुर्थी । २ अध्यर्धा । ३ षष्ठी । ४ अध्यर्धार्ध्या । ५ अर्ध्या । इष्टकासंख्या—अध्यर्धा १६४; षष्ठ्यः १२, अर्ध्याः २४ = २००

इस पृष्ठ पर केवल वेदी/चिति-रचना का रेखाचित्र (ग्रिड/प्रस्तार) अंकित है। इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी मूल पाठ (सूत्र, मन्त्र, व्याख्या आदि) मुद्रित नहीं है (नीचे की ओर दिखने वाले अक्षर पृष्ठ के पीछे के भाग का प्रतिछाया/bleed-through हैं)।

चित्र ६७ । चतुरश्रद्रोणचितेः ( शु० मी० ) २य, ४र्थ प्रस्तारौ

इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, मन्त्र, व्याख्या आदि) मुद्रित नहीं है। यहाँ केवल एक वेदी/मण्डल का रेखाचित्र (ग्रिड/कोष्ठक) दर्शित है।

चित्र ६८। परिचाय्यचितेः—१म, ३य, ५म, प्रस्ताराः इष्टकसंख्याः—१. मध्यमण्डले ८, २य मण्डले १६, ३य मण्डले १६, ४र्थे मण्डले ३२, ५म मण्डले ६४ ६ष्ठ मण्डले ६४ = २००

इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, मन्त्र, भाष्य अथवा अनुवाद आदि) मुद्रित नहीं है। पृष्ठ पर केवल एक मन्द (फेंट) वृत्ताकार ज्यामितीय रेखाचित्र (वेदी/चिति विन्यास) और शीर्ष/पाद में डिजिटलीकरण से सम्बद्ध सूचना ही अंकित है:

CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri. Funding: MIDF Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu

चित्र ६६ । परिचाय्यचितेः—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकासंख्या— प्रथम प्रस्तारवत्