बौधायन शुल्बसूत्रम् (आचार्य बौधायन - प्राचीन वैदिक रेखागणित, ज्यामिति एवं वेदी-निर्माण सटीक)
Baudhayana Shulbasutram with Commentary by Vibhutibhushan Bhattacharya
आचार्य बौधायन (सम्पादक: विभूतिभूषण भट्टाचार्य) द्वारा
चित्र ६३ । साररथचक्रचितेः—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकाकरणानि—१. नेम्याः वहिर्वृत्ते । २. अरेषु १मा । ३. अरेषु २या । ४. अरेषु ३या ५. अरेषु ४र्थी । ६. अरेषु ५मी । ७. अरान्तराले नेम्यां । ८. अरान्तराले नाभौ । ९. नाभौ इष्टकासंख्या-नाभौ ८, अरान्तराले नाभौ १६, अरेषु ८०, अरान्तराले नेम्यां ३२, नेम्यां ६४ = २००
(अत्र वृत्तचित्याः रेखाचित्रम् अङ्कितमस्ति, अधोभागे मुद्रितः पाठः अत्यन्तास्पष्टतया/अदृश्यप्रायतया अपाठ्यः अस्ति।)
चित्र ६४ । चतुरस्रद्रोणचितेः '१म, '३य, ५म प्रस्ताराः १. चतुर्थी । २. अध्यर्धा । ३. षष्ठी । ४. अर्ध्या इष्टकसंख्याः—षष्ठ्यः ४२, अध्यर्धाः १६८, अर्ध्याः १८ = २००
CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri.Funding: MIDF
(प्रस्तुत पृष्ठ सादा/रिक्त है। / This page is blank.)
Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu
चित्र ६५ । चतुरस्रद्रोणचितेः—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकसंख्याः—१. चतुर्थ्यः २२, २. अध्यर्धाः १२४, ३. षष्ठ्यः १५, ४. अर्ध्याः ३९ = २००
इस पृष्ठ पर कोई पाठ (सूत, भाष्य, मन्त्र अथवा विवरण) उपलब्ध नहीं है। यह पृष्ठ रिक्त (कोरा) है, जिस पर केवल हल्की ग्रिड रेखाएँ और दाएँ छोर पर खाली चौकोर खाने (आकृतियाँ) दिखाई दे रहे हैं।
चित्र ६६ । चतुरस्रद्रोणचितेः ( शु. मी. )—१म, ३य, ५म, प्रस्ताराः १ चतुर्थी । २ अध्यर्धा । ३ षष्ठी । ४ अध्यर्धार्ध्या । ५ अर्ध्या । इष्टकासंख्या—अध्यर्धा १६४; षष्ठ्यः १२, अर्ध्याः २४ = २००
इस पृष्ठ पर केवल वेदी/चिति-रचना का रेखाचित्र (ग्रिड/प्रस्तार) अंकित है। इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी मूल पाठ (सूत्र, मन्त्र, व्याख्या आदि) मुद्रित नहीं है (नीचे की ओर दिखने वाले अक्षर पृष्ठ के पीछे के भाग का प्रतिछाया/bleed-through हैं)।
चित्र ६७ । चतुरश्रद्रोणचितेः ( शु० मी० ) २य, ४र्थ प्रस्तारौ
इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, मन्त्र, व्याख्या आदि) मुद्रित नहीं है। यहाँ केवल एक वेदी/मण्डल का रेखाचित्र (ग्रिड/कोष्ठक) दर्शित है।
चित्र ६८। परिचाय्यचितेः—१म, ३य, ५म, प्रस्ताराः इष्टकसंख्याः—१. मध्यमण्डले ८, २य मण्डले १६, ३य मण्डले १६, ४र्थे मण्डले ३२, ५म मण्डले ६४ ६ष्ठ मण्डले ६४ = २००
इस पृष्ठ पर कोई देवनागरी पाठ (सूत्र, मन्त्र, भाष्य अथवा अनुवाद आदि) मुद्रित नहीं है। पृष्ठ पर केवल एक मन्द (फेंट) वृत्ताकार ज्यामितीय रेखाचित्र (वेदी/चिति विन्यास) और शीर्ष/पाद में डिजिटलीकरण से सम्बद्ध सूचना ही अंकित है:
CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri. Funding: MIDF Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu
चित्र ६६ । परिचाय्यचितेः—२य, ४र्थ प्रस्तारौ इष्टकासंख्या— प्रथम प्रस्तारवत्
(प्रस्तुत पृष्ठे कोऽपि देवनागरीपाठः नास्ति; केवलं रथचक्रचितेः/मण्डलचितेः रेखाचित्रम् इष्टकाचित्राणि च दृश्यन्ते। / इस पृष्ठ पर कोई सुस्पष्ट देवनागरी पाठ उपलब्ध नहीं है, केवल वेदी/चिति का ज्यामितीय रेखाचित्र अंकित है।)
चित्र ७० । श्मशानचितेः १म, ३य, ५म प्रस्ताराः १. प्रउगः । २. उभयतः प्रउगः । इष्टकासंख्या—प्रउगाः ८०, उभयतः प्रउगाः १२० = २००
CC-0. In Public Domain. Digitization by eGangotri. Funding: MIDF (पृष्ठं रिक्तम् / This page is blank) Nepal Sanskrit University, Balmeeki Campus, Kathmandu
चित्र ७१ । श्मशानचितेः २य, ४र्थ प्रस्तारौ ३. महाचतुरस्रा ४. महाप्रउगार्ध्या २. अर्ध्या १. बृहती इष्टकासंख्याः—बृहती १०० । अर्ध्या ८८ । महाचतुरस्रा ६ । महाप्रउगार्ध्याः ६ = २००
इष्टका इष्टका
चित्र ७२ । वक्राङ्गकूर्मचितेः १म, ३य, ५म, प्रस्ताराः इष्टकाकरणानि १. चतुर्थी २. अर्ध्या ३. पाद्या ४. चतुरस्रार्ध्या ५. हंसमुखी ६. अध्यर्धपाद्या इष्टकसंख्या-चतुर्थी ४४ । अर्ध्या १२४ । पाद्या १० । हंसमुखी २ । चतुरस्रार्ध्या २० = २००
उपलब्ध पृष्ठ पर कोई देवनागरी ग्रन्थ/पाठ (सूत्र, भाष्य अथवा अनुवाद आदि) विद्यमान नहीं है। यह एक रिक्त पृष्ठ (blank page) है, जिस पर केवल ऊपरी एवं निचले भाग में संस्थागत/डिजिटलीकरण सम्बन्धी अंग्रेज़ी विवरण अंकित हैं तथा पृष्ठभूमि में दूसरे पृष्ठ का आरेख/ग्रिड हल्का सा छपकर दिखाई दे रहा है।