भारतकोश
बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

Devanagarihipublished122 पृष्ठ

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4 साहिब बन्दगी

29. साहिब जी को दीवार में चिनवाया गया7241. लोहे को गलाकर साहिब जी के ऊपर डलवाना96
30. साहिब जी को विष का प्याला पिलाया जाना7442. साहिब जी को पत्थर पीसने वाली चक्की में खड़ा किया जाना98
31. साहिब जी को सखुआ के पेड़ से बाँध कर मरवाया जाना7643. साहिब जी को गहरे गड्ढे में डलवाना100
32. साहिब जी को जिंदा जलाया जाना7844. साहिब जी को क्रूश पर खड़ा किया जाना102
33. साहिब जी को काठ की कोठरी में बिठाकर आग लगाई गयी8045. चक्र से साहिब जी पर प्रहार किया जाना104
34. साहिब जी को फाँसी पर लटकाया जाना8246. साहिब जी पर बाना चालक पहलवान द्वारा प्रहार करवाना106
35. साहिब जी को गाय के खून से नहलाया जाना8447. धनुष बाण से साहिब जी को मरवाया जाना108
36. साहिब जी को तेज़ धार वाले हथियारों से गड़े हुए कुँए में डाला जाना8648. साहिब जी को योद्धा द्वारा लट्ठों से मरवाया जाना110
37. साहिब जी को पानी में पारा मिलाकर पिलाना8849. साहिब जी को कोड़ों से मरवाया जाना112
38. बराह के खून को साहिब जी पर डालना9050. साहिब जी को तेल के कोल्हू में डलवाना114
39. साहिब जी पर खूंखार चीतों से वार करवाना9251. साहिब जी को इमली के पेड़ के साथ बाँध कर कीलें गड़वाना116
40. काठ के कठखोले में साहिब जी को खड़ा कर पैरों पर कीलें ठुकवाना9452. मृतक कमाली को कब्र से जिन्दा करने को कहा गया118
* वेद हमारा भेद है, हम वेदन के माहिं।120