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बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

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74 साहिब बन्दगी

#(30) साहिब जी को विष का प्याला पिलाया जाना

दयालू साहिब शेख तकी की सब गलतियों को क्षमा किये जा रहे थे पर शेख तकी मारे ईर्ष्या के दिन-रात आग की तरह जल रहा था। वो किसी के भी मुख से साहिब की जय-जयकार सुननी नहीं चाहता था। ऐसे में उसने साहिब को विष का प्याला पिलाने की योजना बनाई। उसने सिपाहियों को आदेश दिया कि अत्यंत प्रभावशाली विष को लाया जाए। सिपाहियों ने आदेश का पालन कर बहुत प्रभावशाली विष पेश किया। शेख तकी ने उस विष को दूध में मिलाया और विष से मिला दूध का प्याला लेकर साहिब के पास आया। शेख तकी ने वो दूध का प्याला साहिब को पीने के लिए कहा। साहिब तो अंतर्यामी थे, सब जानते थे; उन्होंने बिना किसी झिझक के वो प्याला हाथ में लिया। हाथों में लेते ही विष से मिला दूध गायब हो गया। साहिब ने यह कहकर कि यह प्याला तो खाली है इसमें कुछ नहीं, शेख तकी को वो प्याला वापिस कर दिया। शेख तकी अपनी एक और नाकामयाबी पर लज्जित हुआ और वहाँ से निराश होकर चला गया।

अति प्रभावी ज़हर प्याला, साहिब हाथ थमाया।
दूध जहर सब गायब हो गया, जब साहिब हाथ लगाया॥
खाली कह कर ज़हर प्याला, वापस तकी लौटाया।
मारे लज्जा के राज गुरु ने, अपना मुख छुपाया॥