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भक्तियोग (स्वामी विवेकानन्द - हिन्दी अनुवाद)

भक्तियोग (स्वामी विवेकानन्द - हिन्दी अनुवाद)

Bhakti Yoga - Swami Vivekananda (Hindi)

स्वामी विवेकानन्द / प्रा. डॉ. विद्याभास्कर शुक्ल द्वारा

DevanagariHindipublished140 पृष्ठ

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पृष्ठ 13

वक्तव्य

‘भक्तियोग’ का यह पंचम संस्करण पाठकों के सम्मुख रखते हमें बड़ी प्रसन्नता हो रही है। स्वामी विवेकानन्दजी स्वयं भक्ति के महान् आचार्य थे। इस पुस्तक में स्वामीजी ने भक्ति के भिन्न भिन्न प्रकार के साधनों का विवेचन अनेकानेक धर्मग्रन्थों तथा आत्मानुभूति के आधार पर किया है। भक्तियोग के द्वारा मनुष्य किस प्रकार भगवत्प्राप्ति कर सकता है, भक्ति का सच्चा अर्थ क्या है, भगवान का स्वरूप क्या है, पराभक्ति किस प्रकार प्राप्त हो सकती है—आदि सब मौलिक बातें स्वामीजी ने बड़े रोचक ढंग से प्रस्तुत पुस्तक में दर्शायी हैं।

प्राचार्य डॉ. विद्याभास्कर शुक्ल, एम. एससी., पीएच. डी., के हम बहुत कृतज्ञ हैं, जिन्होंने यह अनुवाद-कार्य सफलतापूर्वक किया है।

हमें विश्वास है कि इस पुस्तक द्वारा पाठकों का विशेष हित होगा।

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नागपुर,
विजयादशमी
१९-१०-१९६१

प्रकाशक